उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक गोलबंदी तेज की है। मंगलवार को आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी के साथ सपा में शामिल हो गए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक गोलबंदी तेज कर दी है। मंगलवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी के साथ पार्टी में शामिल हो गए।
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धर्मेंद्र कश्यप की सपा में वापसी, बेटी ने भी ली सदस्यता
आंवला लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर 2014 और 2019 में सांसद चुने गए धर्मेंद्र कश्यप ने मंगलवार को फिर सपा का दामन थाम लिया। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें काफी कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। उनकी सपा में वापसी को बरेली और आंवला क्षेत्र की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। धर्मेंद्र कश्यप ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी।
वर्ष 2002 में बसपा के टिकट पर विधायक बने और 2003 में समाजवादी पार्टी में शामिल होकर मुलायम सिंह यादव सरकार में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद में 2014 में भाजपा में शामिल होकर आंवला से लोकसभा चुनाव जीता। उन्होंने कुछ दिन पहले फेसबुक पर अचानक टाटा बाय-बाय लिखा था। इसके बाद अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उनकी सपा में वापसी की अटकलें लगाई जा रही थीं। धर्मेंद्र कश्यप का स्वागत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “धर्मेंद्र कश्यप जी के आने से पूरे उत्तर प्रदेश में PDA और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।” इसके साथ कई चेयरमैन, प्रधान, ब्लॉक प्रमुख समेत तमाम प्रतिनिधि शामिल हुए थे।