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यूपी: भाजपा से बगावत के बाद अखिलेश यादव से मिले पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, सपा में जाने की अटकलें तेज

Sun, 11 Oct 2026 05:20 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

भाजपा से इस्तीफा देने वाले आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने लखनऊ में जाकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व सांसद की बेटी कीर्ति और बरेली के सपा नेता भी मौजूद रहे। इस मुलाकात की तस्वीर सामने आने पर धर्मेंद्र कश्यप के सपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। 
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सपा नेताओं के साथ अखिलेश यादव से मिले पूर्व सांसद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा से नाता तोड़ने के बाद पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट भवन में मुलाकात की। इस दौरान उनकी बेटी कीर्ति कश्यप भी साथ रहीं। सपा के बरेली जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और वरिष्ठ नेता वीरपाल सिंह यादव की मौजूदगी ने इस मुलाकात को महज औपचारिक भेंट से आगे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता छोड़ने के बाद धर्मेंद्र कश्यप का सपा नेतृत्व तक पहुंचना बरेली, खासकर आंवला क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरणों की संभावना से जोड़कर देखा जा रहा है।

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धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा से दूरी बनाते समय पार्टी के भीतर उपेक्षा, कथित भीतरघात और पिछड़े समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर नाराजगी जताई थी। अब उनकी अखिलेश यादव से मुलाकात ने इस सवाल को हवा दे दी है कि क्या वह अपनी अगली राजनीतिक पारी के लिए नए मंच की तलाश में हैं। हालांकि, अभी उनके सपा में शामिल होने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

स्थानीय नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाया संदेश
मुलाकात में सपा के जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता की मौजूदगी को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इससे बरेली के स्थानीय संगठन और सपा के शीर्ष नेतृत्व के बीच धर्मेंद्र कश्यप को लेकर संवाद की संभावना के संकेत मिलते हैं। हालांकि, इस मुलाकात के आधार पर किसी राजनीतिक समझौते या पार्टी में शामिल होने को अंतिम रूप दिया जाना अभी जल्दबाजी होगी।
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आंवला के समीकरणों पर रहेगी नजर
धर्मेंद्र कश्यप बरेली और आंवला क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। ऐसे में उनका भाजपा से अलग होना और इसके बाद सपा प्रमुख से मुलाकात करना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। यदि वह भविष्य में सपा के साथ आते हैं, तो इसका असर जिले में विपक्ष की रणनीति और आंवला क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। फिलहाल मुलाकात ने संभावनाओं के दरवाजे खोले हैं, लेकिन धर्मेंद्र कश्यप का अगला कदम ही स्पष्ट करेगा कि यह संवाद किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत है या केवल शुरुआती संपर्क।
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