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पूर्व विधायक और उनके भाई जानलेवा हमले के 32 साल पुराने मामले में बरी

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demo photo - फोटो : social media
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वर्ष 1989 के विधानसभा चुनाव में इस्लाम साबिर और फहीम साबिर पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
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गवाही के दौरान मुकर गए सारे गवाह, एक आरोपी की हो चुकी है मौत
बरेली। विधानसभा चुनाव के दौरान वर्ष 1989 में दर्ज कराए गए जानलेवा हमले के मामले में पूर्व विधायक इस्लाम साबिर और उनके भाई फहीम साबिर को अदालत ने बरी कर दिया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट सुनील कुमार वर्मा ने किया। मामले से संबधित गवाह दौरान मुकदमा अपने बयानों से मुकर गए थे।
इस मामले की रिपोर्ट 25 नवंबर 1989 को अनिल शर्मा की ओर से कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 24 दिसंबर 1989 की रात वह और एसपी सिंह सिविल लाइंस में रिक्शे पर जा रहे थे, तभी पीछे से कार में आए पांच लोगों ने गाड़ी रोककर कहा कि यह ऐरन के समर्थक हैं, इन्हें गोली मार दो। इस पर इस्लाम साबिर ने एसपी सिंह पर गोली चला दी, जो उनके सिर में लगी और फहीम साबिर ने उन पर चाकुओं से हमला किया। गाड़ी में बैठे राधेश्याम और तीन-चार अन्य ने कहा, यह बचने न पाए। उन्हें भी हॉकी से पीटा गया। चीखपुकार सुनकर लोग आए तो आरोपी भाग निकले।
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इस मामले में अभियोजन की ओर से कुल दो गवाह पेश किए गए। वादी अनिल शर्मा और घायल एसपी सिंह, लेकिन दोनों ही गवाही के दौरान मुकर गए। अनिल शर्मा ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई, पुलिस ने सादा कागज पर साइन करा लिए। एसपी सिंह ने कहा कि वह हमले के दौरान बेहोश हो गए थे। कोर्ट के वारंट से ही पता चला कि मारने वालों में इस्लाम साबिर और फहीम साबिर के नाम हैैं। दोनों गवाहों को पक्षद्रोही घोषित कर कोर्ट ने अभियुक्त इस्लाम साबिर और फहीम साबिर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अभियुक्त राधेश्याम की गवाही के दौरान मौत हो गई।
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