बरेली। नगर निकायों के बजाय अब वन विभाग को बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने एक माह में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए कहा है। वहीं, वन विभाग के पास न तो कोई संसाधन है, न ही उसने इसके लिए कोई तैयारी कर रखी है। विभाग इस बात को लेकर भी असमंजस में है कि बंदर पकड़ने के लिए संसाधन मिलेंगे या उसे खुद ही इंतजाम करना होगा।
शहर के रामपुर बाग, गांधी उद्यान, सिविल लाइंस, कटरा चांद खां आदि इलाकों में बंदरों का आतंक है। ये घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। छतों पर रखी वस्तुओं को नुकसान पहुंचाते हैं और कई बार लोगों पर हमला भी कर देते हैं। छत पर सूखने के लिए फैलाए गए कपड़ों को फाड़ देते हैं। नई व्यवस्था के तहत अब वन विभाग बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के साथ ही उनका पुनर्वास सुनिश्चित करेगा। ब्यूरो
वाइल्ड लाइफ सूची से बंदरों के बाहर होने के बाद वन विभाग की जिम्मेदारी हट गई थी। अब फिर बदलाव किया गया है, जिसका पालन किया जाएगा। - संजीव कुमार जौहरी, पीएसएफ वन विभाग