घटनास्थल पर दिन भर रहीं टीमें, धरपकड़ भी तेज
बृहस्पतिवार रात में मौके पर पहुंचे एसएसपी ने एसपी जीआरपी से बात की। फिर आठ टीमों का गठन किया गया। इनमें चार टीम जीआरपी, दो स्थानीय पुलिस और दो एसओजी की टीम शामिल हैं। शुक्रवार सुबह से ही एसओजी व पुलिस की टीमें सिटी स्टेशन से लेकर मढ़ीनाथ व आगे तक घूमकर मॉनीटरिंग करती रहीं। इस दौरान घटनास्थल का नक्शा बनाने से लेकर आसपास संचालित बीटीएस से यहां रात में सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी करने तक के काम किए गए। कोतवाली व सुभाषनगर पुलिस ने स्थानीय मुखबिर भी आरोपी की पहचान के लिए लगाए हैं।
जाहिर है कि ट्रेन काफी समय तक स्टेशन पर खड़ी रही। माना जा रहा है कि इस दौरान आरोपी भी स्टेशन पर रहा होगा। अगर स्टेशन पर सीसीटीवी लगे होते तो उसकी पहचान मिनटों में हो सकती थी। काफी तलाश करने पर आरपीएफ गेट के पास एक कैमरा मिला, जिससे स्टेशन पर आने जाने वालों की गतिविधि पता लग रही थी। हालांकि अंधेरे में इसकी फुटेज स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। अब मढ़ीनाथ के आसपास के इलाके के कैमरे तलाशे जा रहे हैं। इनमें दिखने वाले संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन भी देखी जा रही है।
पुलिस की संयुक्त टीम आसपास के ऐसे संदिग्धों की जानकारी जुटा रही है जिनकी उम्र 50 साल के करीब है। बाल कुछ सफेद भी हैं और वह लाल शर्ट पहने था। पुलिस का मानना है कि आरोपी ट्रेन का मुसाफिर नहीं हुआ तो जरूर इसी इलाके का नशेड़ी या खुराफाती रहा होगा। ऐसे में किशोरी को इन संदिग्धों के फोटो व विजुअल दिखाकर आरोपी की पहचान कराई जा सकेगी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जीआरपी के अधिकारी संपर्क में हैं। एसओजी व सर्विलांस की टीमें रात से ही लगा दी गई थीं। अलविदा की नमाज के बाद कोतवाली पुलिस को भी सहयोग में लगाया है। किशोरी की हालत सही होने पर उसे संदिग्धों के फोटो व विजुअल दिखाएंगे। जल्दी ही आरोपी की पहचान कर ली जाएगी।