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सावन के महीने में.. आग लगाए महंगाई सीने में

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बरेली। सावन का महीना हर साल की तरह फिर आम लोगों के लिए दिक्कतें लेकर आया है। एक तरफ कामकाज में मंदी खबर ले रही है तो दूसरी तरफ महंगाई ने पब्लिक के छक्के छुड़ाने शुरू कर दिए हैं। आवक कम बताकर सब्जियों के भाव बढ़ते-बढ़ते दस दिनों के अंदर आसमान पर जा पहुंचे हैं। दूसरी तरफ तीन-चार दिन में ही गेहूं भी डेढ़ सौ रुपये क्विंटल से ज्यादा महंगा हो गया। गेहूं के भाव चढ़ने के पीछे जमाखोरी को वजह बताया जा रहा है, हालांकि प्रशासन इससे बेखबर है। गेहूं पर एकाएक महंगाई बढ़ने के बारे में मंडी परिषद की ओर से भी जिला प्रशासन को सूचना नहीं दी गई है।
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गेहूं की मांग बढ़ने का फायदा जमाखोर उठा रहे हैं। पिछले तीन-चार दिन में ही गेहूं 150-170 रुपये प्रति क्विंटल तक महंगा हो गया है। दरअसल लगातार दूसरे शहरों और राज्यों से गेहूं की मांग आ रही है। बताया जाता है कि सारा खेल पहले से तय है। अप्रैल और मई में बड़े कारोबारियों ने 15 से 17 सौ रुपये क्विंटल गेहूं खरीदकर अपने गोदामों में भर लिया था। अब ऊंचे दामों पर गेहूं बेचकर मुनाफा कमाने की तैयारी है। अनुमान के मुताबिक बरेली मंडल में हर दिन करीब डेढ़ लाख क्विंटल गेहूं की मांग है। इसमें बमुश्किल एक तिहाई ही घरेलू मांग है, बाकी फ्लोर मिल और दूसरे राज्यों की है। मांग ज्यादा होने की वजह से ही गेहूं के दाम दस प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं। शुक्रवार शाम तक गेहूं 2050 रुपये क्विंटल तक बिका।

गेहूं पर महंगाई का खेल
35-45 हजार क्विंटल प्रतिदिन की घरेलू मांग है गेहूं की
01 लाख क्विंटल गेहूं से ज्यादा मांग दूसरे राज्यों की
150-170 रुपये क्विंटल रेट बढ़ा है गेहूं पर इसी सप्ताह
2000-2050 रुपये क्विंटल पहुंच चुका है गेहूं का भाव

40 फीसदी तक बढ़ गए सब्जियों के रेट
हरी सब्जियों पर बारिश की मार पड़नी शुरू हो गई है। कुछ सब्जियां तो एक सप्ताह में ही 40 प्रतिशत महंगी हो गई हैं। मंडी में आलू, प्याज, अदरक और लहसुन आदि ही पुराने भाव पर टिके हुए हैं। बारिश का सबसे ज्यादा असर टमाटर के भाव पर पड़ा है। 20 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर आवक कम होने के बहाने अब रिटेल में 40-50 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है।
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कम खाओ.. गम खाओ
सब्जी थोक रिटेल
आलू चिपसोना 10 15
पुराना 8 12
हल्द्वानी 20 25
टमाटर 30-40 40-50
प्याज 10-17 15-20
लौकी 12-15 20-25
अरबी 18-25 25-35
करेला 13-15 20-22
भिंडी 20-25 30-40
हरी मिर्च 25-35 30-40

बारिश से हरी सब्जी और टमाटर की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। मंडी में आवक कम हो गई है। कुछ सब्जियों पर 20 प्रतिशत तक दाम बढ़े हैं, हालांकि कुछ सब्जियाें के रेट में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। - शुजाउर रहमान, अध्यक्ष थोक सब्जी मंडी
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