बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार सिंह ने बलवा, दंगा और हत्या के आरोपों से पांच आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। इनमें पीलीभीत के थाना जहानाबाद के गांव जैतीपुर के रहने वाले (हाल निवासी मोहल्ला मिलशन नगर, कस्बा व थाना नवाबगंज) किंग उर्फ महेंद्र, प्रिंस उर्फ कांता प्रसाद, भुड़ा मगसारा निवासी नरेंद्र सिंह, बिहारीपुर अब्दुल रहमान निवासी दीनानाथ और पीलीभीत के जहानाबाद के जैतीपुर निवासी नरेश शामिल हैं।
इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट से लेकर विवेचना तक झोल रहा। गवाह भी बयानों से मुकर गए। अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि मृतक हिस्ट्रीशीटर था।
नवाबगंज थाने के मोहल्ला कहारान निवासी प्रवीन कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह और उसका दोस्त महेश गंगवार पांच फरवरी 2011 को शाम 6:45 बजे बरेली जाने के लिए बस अड्डे जा रहे थे। रास्ते में देवी होटल के पास एक गाड़ी से आए पांच आरोपियों ने फायरिंग की। उसका भाई योगेंद्र घायल हो गया। उसे लेकर वह निजी अस्पताल गया। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। कोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आया कि प्रवीन ने दो लोगों के खिलाफ तहरीर अपने एक दोस्त से लिखवाई थी, लेकिन पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। रिपोर्ट दर्ज करने वाले थाने के तत्कालीन मुंशी ने भी यह बात स्वीकार की। तहरीर पर पहले थाना बहेड़ी लिखा गया और बाद में काटकर नवाबगंज लिख दिया गया।
विवेचना करने वाले तत्कालीन निरीक्षक ने भी प्रति परीक्षा में स्वीकार किया कि वह उस अस्पताल नहीं गए जहां घायल योगेंद्र को ले जाया गया था। प्रत्यक्षदर्शी महेश समेत दो गवाह भी बयानों से मुकर गए। निजी अस्पताल के इमरजेंसी ड्यूटी ऑफिसर ने भी उस दिन योगेंद्र नाम के किसी व्यक्ति के अस्पताल न आने की बात कही। अभियोजन पक्ष विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी पेश नहीं कर सका। वादी मुकदमा के बयानों में भी भिन्नता रही।
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घूरे के विवाद में पॉक्सो का आरोप, चार साल की सुनवाई के बाद आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज नम्रता अग्रवाल ने चार साल चली सुनवाई के बाद पॉक्सो एक्ट के आरोपी भमोरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी वीरपाल को दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में सुनवाई के दौरान सामने आया कि मामला पेशबंदी का है। घूरे के विवाद में बच्ची की मां ने गांव के लोगों के कहने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में बच्ची, उसकी मां और पिता प्रति परीक्षा में बयानों से मुकर गए।
भमोरा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 2022 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने छह गवाह पेश किए। परीक्षा और प्रति परीक्षा में किशोरी, उसकी वादिनी मां और पिता ने बयान बदल दिया। उन्होंने कहा कि उनका वीरपाल से घूरे को लेकर विवाद चल रहा था।
वादिनी ने कहा कि गांव के लोगों ने सादे कागज पर अंगूठा निशानी ले ली। बच्ची के पिता ने कहा कि घूरे के विवाद में मामला दर्ज कराया। बच्ची ने बयान दिया कि उसके पिता का वीरपाल से झगड़ा हो गया था। गांव के लोगों के कहने पर रिपोर्ट दर्ज करा दी। वीरपाल ने उसके साथ कुछ बुरा काम नहीं किया।
लूट और हत्या की कोशिश के आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने लूट और हत्या की कोशिश के आरोपी संभल जिले के थाना चंदौसी के मोहल्ला पतरौआ निवासी संजय कलाबाज के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया है। उसके खिलाफ 2014 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जमानत मिलने के बाद वह नौ साल से कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा। पुलिस की ओर से आख्या दाखिल की गई कि संबंधित पते पर आरोपी या उसका कोई परिजन नहीं मिला। कई साल पहले वह कहीं जा चुके हैं। इसके बाद कोर्ट ने फरार आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया।