विकासखंड भुता के गांव शेखापुर में डीएम ने चौपाल लगाकर समस्याएं सुनीं और ग्राम प्रधान की ओर से कराये गये विकास कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से आपसी विवाद पंचायत आदि के जरिए निपटाने का आग्रह किया। कहा कि ऐसा करने से कोर्ट कचहरी से मुक्ति मिलेगी साथ ही गांव भी निर्विवाद घोषित होगा।
जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने चौपाल के दौरान ग्राम प्रधान राम कुंडली द्वारा कराए गए विकास कार्यों की बिंदुवार जानकारी ली। ग्रामीणों से भी नाली, खडंजा, सीसी रोड, तालाब सौंदर्यीकरण, शौंचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास, प्रकाश व्यवस्था, विकलांग व विधवा पेंशन आदि के बार में पूछताछ की। योजनाओं से वंचित रह गए पात्रों से प्रार्थनापत्र लेकर वहां मौजूद विभागीय अधिकारियों को तत्काल समस्या के निस्तारण के लिए निर्देशित किया।
22 बच्चों के कुपोषित होने पर जताई चिंता
गांव में 22 बच्चों के कुपोषित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने चिंता जताई और ग्रामीणों से इस दिशा में सहयोग की भी अपील की। यह भी कहा कि आपस में होने वाले झगड़े लड़ाई का समाधान पंचायत आदि के माध्यम से करें तो बेहतर होगा। उन्होंने बेरोजगार इंटर पास लोगों को गांव में ही साहूकारी के लाइसेंस बनवाने के लिए कहा, जिससे गरीबों को कम ब्याज पर ऋण मिल सके।
22 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त कराने का निर्देश
चौपाल के दौरान सामने आया कि 22 हेक्टेयर जमीन पर गांव के लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, इस संबंध में एसडीएम फरीदपुर को तत्काल कब्जा हटवाने और गरीबों को जमीन पट्टे पर देने के लिए कहा। गांव के ही शकील ने बिजली के जर्जर तारों को बदलवाने और खराब हैंडपंप की भी शिकायत की। इसी क्रम में रहमत खां, भूरे खां ने विकलांग पेंशन न मिलने की शिकायत की। इस मौके पर एसडीएम कुंवर पंकज, एडीएम एफआर जोगेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी राम रक्षपाल, तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव, बीडीओ नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।