अब भी डेंगू के मरीजों का मिलना कम नहीं हुआ है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास कोई अधिकारिक सूचना नहीं है। एक हफ्ता पहले विभाग की ओर से शहर के सभी निजी चिकित्सकों को पत्र भेजकर डेंगू के मरीजों की जानकारी मांगी गई थी। किसी भी अस्पताल ने पत्र का जवाब नहीं दिया है, जबकि बृहस्पतिवार रात को एक किशोरी की मौत डेंगू से होने की सूचना मिली थी। इसके बाद उस निजी अस्पताल में हंगामा भी हुआ।
नवंबर में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने के बाद भी डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। अमर उजाला में इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निजी चिकित्सालयाें को पत्र जारी कर पूछा कि पिछले दो महीनों में कितने मरीज डेंगू के आए लेकिन किसी भी निजी अस्पताल ने जानकारी नहीं दी। आईडीएसपी प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि शासनादेश के अनुसार सिर्फ एलाइजा टेस्ट ही डेंगू के लिए मान्य है। अगर कार्ड टेस्ट पॉजीटिव आता है तो अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। विभाग मरीज की एलाइजा जांच कराएगा।
डेंगू पर दिया जाएगा प्रशिक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी पंकज जैन ने बताया कि डेंगू से संबंधित जानकारी और इससे निपटने के लिए 21 नवंबर को शहर के अलावा ग्रामीण पीएचसी में प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। शहर में इज्जतनगर, सीबीगंज, पुराना शहर, जगतपुर और सुभाषनगर अर्बन हेल्थ सेंटर पर डॉक्टर जानकारी देंगे।
डेंगू से मौत पर भेजेंगे नोटिस
डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि राजेंद्रनगर स्थित जिस आरोग्य धाम अस्पताल में डेंगू से मरीज की मौत के बाद तीमारदारों ने हंगामा किया था उसकी सूचना भी अब तक नहीं भेजी गई है। सोमवार को इन्हें नोटिस भेजा जाएगा।