टिकट निरस्त कराने पर भी रेलवे को कमाई
अगर रेलवे खुद ही ट्रेन निरस्त करता है तो यात्री के रिफंड में कोई कटौती नहीं की जाती। यात्री के टिकट निरस्त कराने पर रेलवे को कमाई होती है। अगर कोई ट्रेन दो घंटे 50 मिनट तक देरी से है और यात्री टिकट निरस्त कराता है तो रेलवे 50 फीसदी राशि काट लेता है।
अगर कोई यात्री यात्रा से पूर्व ही अपना कन्फर्म टिकट निरस्त कराता है तो इससे भी रेलवे कटौती करता है। कन्फर्म एसी टिकट पर 180 रुपये प्रति यात्री, स्लीपर पर 120 रुपये प्रति यात्री और द्वितीय श्रेणी टिकट निरस्त कराने पर 60 रुपये प्रति यात्री के हिसाब से कटौती की जाती है।
घटा रिफंड का आंकड़ा
पूर्व में रेलवे लंबी दूरी की ट्रेनों में 90 दिन पहले तक टिकट बुक कराने की सुविधा देता था। अक्तूबर 2024 में इसे 90 से घटाकर 60 दिन कर दिया गया था। इससे रिफंड के आंकड़ों में कमी आई है।