बरेली। नाथ नगरी के पांच शिव मंदिरों और तुलसी मठ को भव्य बनाने और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 49.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसकी मंजूरी मिल चुकी है। पहली किश्त के रूप में प्रदेश सरकार ने अब 19 करोड़ रुपये जारी भी कर दिया है। अगले महीने से इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मंदिरों का साैंदर्यीकरण करने के साथ ही वहां पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विकास किया जाना है।
इसके लिए पर्यटन विभाग ने काम शुरू कर दिया है। अप्रैल में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मई तक कार्यदायी संस्था तय कर ली जाएगी। जिले के सात में से पांच नाथ मंदिरों में जून तक काम शुरु हो जाएगा।
यह काम जून 2027 तक पूरा किया जाना है। इसमें मंदिर परिसरों में स्वच्छता, रोशनी, विश्राम स्थल, पेयजल और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के उपयोग के लिए बहुउद्देशीय हॉल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके अलावा तुलसी मठ में भी विकास कार्य कराए जाएंगे।
उपनिदेशक पर्यटन बृजपाल सिंह का कहना है कि नाथनगरी के मंदिरों का जीर्णोद्धार कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार बढ़ेगा। यहां आने पर श्रद्धालुओं को न केवल आध्यात्मिक शांति मिलेगी, बल्कि उन्हें उच्च स्तरीय सुविधाएं भी प्राप्त मिलेंगी। साैंदर्यीकरण के कामों में फोकस वॉल, कांवड़ स्थल, फाउंटेन पार्क आदि शामिल हैं। नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत अभी धोपेश्वर नाथ, त्रिवटीनाथ, तपेश्वर नाथ, वनखंडी नाथ, अलखनाथ मंदिरों में काम होगा।
साथ ही तुलसी मठ का भी साैंदर्यीकरण होगा। पशुपतिनाथ मंदिर के लिए 3.02 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में लंबित है। मढ़ीनाथ मंदिर की निजी भूमि होने के कारण अभी प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। संवाद