चीनी मिलों ने किसानों के गन्ना भुगतान की राशि अदा नहीं की तो प्रदेश सरकार ने इन मिलों की ओर से बेची गई बिजली का भुगतान अपने कब्जे में लेकर किसानों के बकाया राशि अदा करना शुरू कर दिया है। बहेड़ी की चीनी मिल के 21 करोड़ रुपये बिजली विभाग से लेकर किसानों को बांट दिए हैं। इस मिल पर शिकंजा पहले इसलिए कसा गया है कि कयोंकि इस मिल पर किसानों की सर्वाधिक रकम फंसी है। इस मिल पर अब भी किसानों के 97.83 करोड़ रुपये बकाया हैं।
गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंडल की चीनी मिलों ने इस सत्र में 614 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। जिसका उन्हें 17 अरब 30 करोड़ रुपये का भुगतान करना था लेकिन 12 अरब 28 करोड़ रुपये का ही भुगतान हुआ है। भुगतान की यह राशि 71 फीसदी रही है। शेष भुगतान के लिए शासन की ओर से सख्त निर्देश दिए गए हैं।
गन्ना आयुक्त विपन कुमार द्विवेदी के निर्देश पर प्रशासन ने सभी मिलों के आंकड़े तैयार करा लिए हैं। बिसौली मिल पर 29 करोड़ रुपये बाकी है, जबकि बिजली विभाग से 21.59 करोड़ रुपये मिलेंगे। शेष रकम चीनी बेचकर किसानों को अदा करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह निगोही मिल बकाए के 34 करोड़ में से 27.51 करोड़ किसानों को देगा। फरीदपुर मिल को मिलने वाली बिजली की राशि से किसानों का पूरा भुगतान हो जाएगा। मीरगंज मिल पर 15 करोड़ बकाया है, इसमें से बिजली बेचकर 2.85 करोड़ का भुगतान हो सकेगा। बरखेड़ा मिल 50.17 करोड़ में से बिजली बेचकर 5.86 करोड़ ही किसानों को अदा कर सकेगा। मकसूदापुर मिल 43.40 करोड़ में से 5.89 करोड़ ही अदा कर सकेगा।
‘मंडल के सभी डीएम को निर्देश दिए हैं कि वह किसानों के बकाए का तत्काल भुगतान कराएं। जहां पर मिल मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जरूरत हो, वहां पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। जून माह तक किसानों का पूरा भुगतान होना चाहिए।’ प्रमांशु कुमार, कमिश्नर