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Bareilly News: 25 मिनट में जांच दी 35 वाहनों की फिटनेस

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बरेली। वाहनों की फिटनेस की जांच के नाम पर जिले में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। मंगलवार को की गई पड़ताल में व्यवस्था की कई खामियां उजागर हुईं। ट्रांसपोर्ट नगर में आरआई ने सिर्फ 25 मिनट में 35 वाहनों की फिटनेस जांच दी।
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इस हिसाब से एक वाहन को उन्होंने औसतन 42 सेकंड का समय दिया। इतने समय में वाहन की चेसिस व इंजन पर दर्ज नंबर का दस्तावेजों से मिलान तक नहीं हो सकता, अन्य मानकों की जांच कैसे की गई होगी इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। फिटनेस के लिए वाहन लेकर आने वालों ने दलालों पर फिटनेस जल्द व सुविधाजनक तरीके से कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलने का आरोप लगाया।
जिले में निजी वाहनों की फिटनेस की जांच ट्रांसपोर्ट नगर और व्यावसायिक की बिथरी चैनपुर क्षेत्र में हाईवे के किनारे बने केंद्र पर होती है। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को इन दोनों ही जगहों पर पड़ताल की।
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दोपहर 12 बजे ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचने पर बताया गया कि यहां पर दोपहर दो बजे के बाद ही वाहनों की कतार लगाने का काम शुरू किया जाता है। इसके बाद ही जांच के लिए संभागीय निरीक्षक (आरआई) आते हैं।
इसके बाद टीम बिथरी चैनपुर स्थित स्वचालित परीक्षण स्टेशन की पड़ताल करने पहुंची। यहां पर बारी-बारी वाहनों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही थी। ज्यादातर वाहन ऐसे थे, जो सिंडिकेट के जरिए यहां पहुंचे थे। पहुंचते ही वाहन संचालक अंदर बैठे अपने जानने वाले को कॉल करते। अंदर से वह आदमी निकलकर आता। इसके बाद वाहन को अंदर भेजा जा रहा था। यहां पर ऑटो, ट्रक, बस, टैक्सी आदि वाहन फिटनेस जांच के लिए पहुंचे थे।
टीम करीब दो बजे पुन: ट्रांसपोर्ट नगर पहुंची। तब तक वहां वाहनों की लंबी कतार लग चुकी थी। आरआई हारुन सैफी 3:05 बजे पहुंचे। 3:30 बजे निकल गए। यहां पर मौजूद बाहरी व्यक्ति की तरफ से आने वाले वाहनों को पहले ही कतारबद्ध करा लिया गया था। उनके आते ही आरआई के नेतृत्व में प्रत्येक वाहन पर जल्दबाजी में वाहनों के इंजन पर चेसिस नंबर का मिलान करते हुए कागज की जांच करते देखा गया।
स्कूली वाहनों में कैमरों की भी जांच की गई। पुरानी बाइकों की भी फिटनेस हुई। करीब 25 मिनट में 35 वाहनों की जांच करके वह चले गए। इसके बाद भी करीब 10 वाहन जांच के लिए शेष रह गए। इनके संचालक इंतजार ही करते रह गए। यहां मिले आसिफ ने कहा कि बाइक की फिटनेस की जांच कराने आए हैं। आरआई के जल्द चले जाने की वजह से काम हो ही नहीं पाया।
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केस - एक
आशापुरम के जेसीबी संचालक ने बाहरी व्यक्ति पर 10 हजार रुपये लेकर फिटनेस जांच करने का आरोप लगाया। कहा कि काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी मंगलवार को काम नहीं हो पाया।
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केस-दो
डीआरएम इंटर कॉलेज आंवला की बस परमिट के लिए पहुंची। बस चालक ने उतरते ही लोगों से पूछा कि मेरा कागज यहां किसके पास मिलेंगे। इसके बाद वह बाहरी व्यक्ति से मिला। कुछ ही देर बाद चालक को संबंधित कागज उपलब्ध करा दिए गए। आरआई के आने पर ये कागज उन्हें दिखाने के लिए कहा गया।
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वर्जन ...
बाहरी व्यक्तियों का व्यवस्था में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं है। यहां पर सिर्फ उन निजी वाहनों की फिटनेस की जांच की जाती है, जिनके पंजीकरण को 15 वर्ष बीत चुके हों। वसूली के जो आरोप लगे हैं, उनकी जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - प्रवेश कुमार सरोज, एआरटीओ प्रशासन
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