बरेली। पीलीभीत हाईवे के चौड़ीकरण के लिए 27 किमी बिजली लाइन की शिफ्टिंग में गड़बड़झाला हो गया। पांच करोड़ की लागत से कराए जा रहे इस काम से पहले और बाद में सामग्री की जांच और निरीक्षण ही नहीं कराया गया। अब मुख्य अभियंता ब्रह्मपाल सिंह ने अधीक्षण अभियंता ग्रामीण व अधिशासी अभियंता ग्रामीण वितरण खंड प्रथम से रिपोर्ट तलब की है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
हाईवे चौड़ीकरण के लिए 27 किमी लाइन शिफ्ट करने का काम मैनपुरी की फर्म को दिया गया है। नियमानुसार लाइन शिफ्ट करने से पहले सामग्री की जांच होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं कराया गया। 27 किमी की इस लाइन का आधा किलोमीटर हिस्सा विद्युत वितरण क्षेत्र नगरीय और शेष ग्रामीण वितरण खंड प्रथम के रिठौरा व नवाबगंज में आता है। पांच करोड़ के इस काम के लिए एनएएचआई ने लागत का 2.5 प्रतिशत यानी 17.31 लाख रुपये सुपरविजन चार्ज विद्युत निगम को दिया है। लाइन शिफ्टिंग का काम बिजली निगम के अभियंताओं की देख-रेख में होना था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने ऐसा नहीं किया। संवाद