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हिंदू परिवारों का धर्मांतरण कराने के मामले में एफआईआर दर्ज

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बरेली। बिथरी के गांव बिचपुरी में रविवार को हिंदू परिवारों का धर्मांतरण कराने के मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है। इस बीच रिपोर्ट दर्ज कराने वाले हिमांशु पटेल ने गांव में मौर्य जाति के 12 परिवारों का धर्मांतरण करा दिए जाने का नया आरोप लगाया है। पुलिस फिलहाल इस मामले में जांच कर रही है।
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रविवार सुबह हिंदू परिवारों का धर्मांतरण कराए जाने की सूचना पर हिंदू संगठनों के लोगों ने बिथरी चैनपुर के गांव बिचपुरी में जमकर हंगामा किया था। सोमवार को इस मामले में गोरक्षक हिमांशु पटेल की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बिचपुरी के 12 परिवारों का धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया गया है। हिमांशु के मुताबिक बिचपुरी में ही रहने वाला अभिषेक आठ लोगों की टीम के साथ हिंदुओं का धर्मांतरण करा रहा था। अभिषेक मूल रूप से गोरखपुर का रहने वाला है।
हिमांशु के मुताबिक जब वह हिंदू संगठनों के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे तो बिचपुरी की ही ममता हिंदुओं को लालच देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित करती मिली। मौके पर 40 लोग मौजूद थे जो धर्मांतरण करने आए थे। आठ लोगों के साथ अभिषेक के हाथ में बाइबल थी। ये लोग ईसा मसीह की प्रार्थना कर रहे थे। पुलिस के पहुंचने के बाद भी प्रार्थना जारी रही। चौकी इंचार्ज ने डांट लगाकर प्रार्थना सभा खत्म कराई। हिमांशु का कहना है कि मौर्य परिवारों के 12 लोग ईसाई धर्म भी अपना चुके हैं।
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तहरीर देने के बावजूद नहीं किया नामजद
हिमांशु की ओर से दी गई तहरीर में ममता का नाम भी शामिल था। ममता पर हिंदुओं को लालच देकर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया गया था लेकिन बिथरी पुलिस ने अभिषेक और आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। ममता को नामजद नहीं किया गया। हिमांशु ने पुलिस पर ढिलाई का आरोप लगाते हुए कहा है कि धर्म परिवर्तन कराने का कार्यक्रम काफी समय से चल रहा था फिर भी पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी।
मुख्य आरोपी का शांतिभंग में कर दिया
चालान, अब दोबारा कैसे करें गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी अभिषेक को मौके से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मुकदमा दर्ज होने से पहले ही उसका शांतिभंग में चालान कर दिया गया। अब मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस परेशान है कि अभिषेक को कैसे गिरफ्तार किया जाए। इंस्पेक्टर बिथरी शितांशु शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सवाल है कि पहले जांच करनी थी तो अभिषेक को मौके से गिरफ्तार क्यों किया गया।
अभिषेक 2004 में धर्म परिवर्तन कर बना था ईसाई
हिमांशु के मुताबिक छानबीन में पता चला कि आरोपी अभिषेक 2004 में धर्म परिवर्तन कर ईसाई बना था। चार साल से वह बरेली रह रहा है और रुहेलखंड अस्पताल में नौकरी भी कर रहा है। नौकरी के साथ वह हिंदुओं का धर्मांतरण कराने के काम में भी लगा हुआ है। हिमांशु के मुताबिक धर्मांतरण कराने वालों का नेटवर्क ग्रीन पार्क से जुड़े होने की भी जानकारी हुई है।
बीमार हो तब भी मत जाओ डॉक्टर के पास, मकानों पर बना दिए गए थे क्रॉस
बिचपुरी के लोगों का कहना है कि ममता और अभिषेक उनसे कहते थे कि पैसा नहीं हो या कोई बीमारी हो तो भी कहीं मत जाओ। सिर्फ प्रार्थना सभा में आ जाने से उनकी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। प्रार्थना के बाद उन्हें ईसाई धर्म से जुड़ी किताबें भी दी जाती थीं। बिचपुरी के जिन परिवारों का धर्मांतरण कराया जा रहा था, उनके मकानों पर यह कहकर ईसाईयों का धार्मिक चिह्न क्रॉस बना दिया गया था कि इससे उन्हें सभी दुखदर्द से छुटकारा मिल जाएगा।
मेडिकल कॉलेज ने आरोपी को हॉस्टल से निकाला
धर्मांतरण के मुकदमे में नामजद आरोपी अभिषेक को रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है। अभिषेक के रूम के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि अभिषेक मेडिकल कॉलेज के कई छात्रों के भी संपर्क में था। इस वजह से अब छात्रों के बीच भी छानबीन की जा रही है।
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