कर्मचारी ने खोली पोल
मामला सुर्खियों में आया तो स्टाफ ने फंसने के डर से जांच कमेटी को दिए बयान इंटरनेट पर प्रसारित कर दिए। वायरल हो रही एक पीडीएफ में एक क्लर्क ने बताया है कि वह कॉलेज की जमा फीस की रसीद काटता था। शाम तक जितनी रकम आती उसे कॉलेज चेयरमैन के बेटे के पास ले जाता था। वह डे-बुक में इसकी इंट्री करते थे। वह कॉलेज में नौकरी करता है, वहां क्या हो रहा है, इसकी उसे जानकारी नहीं थी। इसी तरह के कई बयान अन्य कर्मचारियों ने भी दिए हैं।
सीबीगंज इंस्पेक्टर से दोस्ती चर्चा में
सीबीगंज इंस्पेक्टर राजबली सिंह के साथ शेर अली जाफरी के बेटे फिरोज अली जाफरी का फोटो वायरल हो रहा है। इंस्पेक्टर की मेहरबानी से जाफरी ने छात्रों के भड़कने पर खुद को बचाने के लिए अपने ही साथी डॉ. विजय शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पूरे मामले को लीपापोती करके खत्म करने की तैयारी थी।
दरोगा रत्नेश कुमार से भी जाफरी के पक्ष में एक जांच रिपोर्ट बनवाकर इंस्पेक्टर ने एसएसपी को भेजी थी। इधर, छात्र सीधे एसएसपी अनुराग आर्य के पास पहुंच गए। एसएसपी ने इंस्पेक्टर को फटकार लगाई और तब छात्रों की ओर से जाफरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सका। खुसरो कॉलेज की एक शाखा बदायूं जिले के बगरैन क्षेत्र में भी बताई जा रही है।
खुसरो कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी ने कहा कि हमारे साथ डॉ. विजय शर्मा ने धोखाधड़ी की है। हमारे स्टाफ ने डी फार्मा का कोर्स कराने के लिए कैश व अकाउंट में करोड़ों रुपये दिए फिर भी हमारे खिलाफ झूठे मुकदमे लिखाए गए हैं। हमारा शिक्षा व राजनैतिक कॅरिअर खराब करने का प्रयास हो रहा है।