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सीएमओ-सीएमएस के बाबू समेत चार के खिलाफ एफआईआर

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300 बेड हॉस्पिटल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सीओ प्रथम की जांच आख्या के बाद एसएसपी ने कोतवाली में लिखाई रिपोर्ट
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44 लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठगने और फर्जी नियुक्तिपत्र देने का आरोप

बरेली। 300 बेड अस्पताल में फर्जी भर्ती प्रकरण में सीओ प्रथम की जांच के बाद सीएमओ और सीएमएस के बाबू समेत चार के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के आदेश पर की गई है। आरोपियों ने 44 लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की थी।
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शुक्रवार को पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी के मोहल्ला तुलाराम निवासी सोमेश कश्यप समेत तमाम लोगों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर ठगी की शिकायत की थी। सोमेश ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में तैनात बड़े बाबू कुलदीप शर्मा और सीएमओ ऑफिस के क्लर्क ताहिर एवं खुर्रम गौटिया का बॉबी और विकास यादव उनके पुराने परिचित हैं। ये चारों आपस में घनिष्ठ मित्र हैं। वर्ष 2018 में इन चारों ने पीड़ितों से कहा कि नए बन रहे 300 बेड अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, सुपरवाइजर, लैब टेक्नीशियन, ड्राइवर, जीएनएम, वार्ड आया और वार्ड ब्वॉय के पदों पर भर्ती होने वाली हैं। झांसा दिया कि ये सभी भर्ती सीएमओ ऑफिस से होंगी और उनकी सीएमओ ऑफिस में अच्छी पैठ है। अगर पांच लाख रुपये प्रति व्यक्ति खर्च किए जाएं तो वे लोग सीएमओ से बात करके योग्यता के अनुसार नौकरी लगवा सकते हैं। बात तय होने पर 44 लोगों ने कुलदीप शर्मा, ताहिर, बॉकी और विकास यादव को तीन-तीन लाख रुपये एडवांस दे दिए। दो-दो लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने की बात तय हुई। कुछ समय बाद आरोपियों जिला अस्पताल में मेडिकल कराकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए। जब वे लोग ज्वाइनिंग को पहुंचे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। इसके बाद आरोपी नौकरी लगवाने और न लगने पर रुपये वापस करने का झांसा देते रहे लेकिन ऐसा कुछ न होने पर उन लोगों ने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर सीओ प्रथम दिलीप सिंह ने सोमवार को जांच पूरी करके अपनी आख्या सौंपी तो कोतवाली में चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी कर ठगी करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।

फंसेंगे जिला अस्पताल के कई कर्मचारी

इस मामले में जिला अस्पताल के कई और कर्मचारियों की गर्दन भी फंस सकती है। कहा जा रहा है कि जब सामूहिक रूप से 44 लोगों का आरोपियों ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराया तो इस बारे में भी कुछ बताया होगा कि इतने लोगों का मेडिकल क्यों कराया जा रहा है मगर उन लोगों ने इस बात को दबाए रखा और अफसरों को जानकारी नहीं दी। ऐसे में विवेचना के दौरान इन लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

‘सीओ प्रथम की जांच आख्या में ठगी की बात सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।’ - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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