बहेड़ी। गन्ना समिति के पूर्व डायरेक्टर चौधरी विनोद सिंह ने डीएपी खाद की किल्लत को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भेजा है। उन्होंने बताया है कि सरकारी गोदाम पर डीएपी गायब हो गई है। किसान को गेहूं की बोआई के लिए इसकी बेहद आवश्यकता पड़ रही है, लेकिन गोदामों से डीएपी गायब है। उन्होंने बताया है की प्राइवेट दुकानों पर डीएपी भरी पड़ी है, जो वास्तविक मूल्य से ज्यादा पैसा वसूल कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। अगर गौर किया जाए तो सीधे तौर पर किसानों की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
जिलाधिकारी के अलावा उन्होंने सीडीओ को व्हाट्सएप पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ इन्होंने केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को भी ज्ञापन भेजा है। संवाद