शहर के बाजारों में जाम के झाम से निपटने के लिए ईद के बाद फेरी नीति लागू होने जा रही है। डीएम डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला को उन्होंने प्लान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। ईद के बाद हम फेरी नीति लागू करने की कोशिश करेंगे।
केंद्र सरकार ने 2009 में फेरी नीति लागू करने के निर्देश दिए थे। 2013 में बरेली नगर निगम बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद तत्कालीन अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह ने लखनऊ की संस्था युग एसोसिएट्स से अनुबंध किया। संस्था ने 90 रुपये प्रति वेंडर पर फेरी लगाने वाले दुकानदारों को चिह्नित कर उनकी वीडियोग्राफी की। संस्था ने सर्वे में पांच हजार वेंडर चिह्नित किए। प्रथम चरण में 1407 वेंडरों को बसाने के लिए 15 वेंडर जोन निश्चित किए गए। ये वेंडर जोन मुख्य चौराहों से 20 मीटर की दूरी से प्रारंभ होने थे, जिससे यातायात की समस्या न आए। वेंडर जोन में फूड वेंडर जोन अलग से बनने थे। दो साल बाद फेरी नीति का काम आधे-अधूरे सर्वे तक सीमित होकर रह गया। नगर निगम से कोई निर्णय न होने की स्थिति में संस्था ने पांच महीने से सर्वे का काम बंद कर दिया। संस्था ने नगर निगम से 25 हजार की सिक्योरिटी मनी भी वापस मांगी तो वह भी नहीं दी गई। इस तरह फेरी नीति तभी से लटकी पड़ी है। डीएम ने इसे गंभीरता से लिए जाने पर फेरी नीति लागू करने को नए सिरे से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने काम करना शुरू कर दिया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के प्लान बनाने के बाद उस पर मंथन करके फेरी नीति को ईद के बाद लागू कर दिया जाएगा।
यह इलाके प्रभावित होंगे
-फेरी नीति लागू होने से जिला अस्पताल रोड, बड़ा बाजार, नावल्टी, इंदिरा मार्केट, किला बाजार, मॉडल टाउन, राजेंद्र नगर, संजयनगर, सुभाषनगर, बदायूं रोड, चौपुला, जिला पंचायत रोड, सैलानी, इज्जतनगर रोड, डेलापीर रोड, डीडीपुरम, शाहदाना, शहामतगंज, पीलीभीत बाईपास रोड आदि इलाके फड़ वाले सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
यहां लगाए जा सकते हैं बाजार
जीआईसी के पास, किला पुल के नीचे, हार्टमैन पुल के नीचे, इस्लामियां ग्राउंड, चौपुला पुल के नीचे, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के पास आदि स्थानों पर दुकानदारों को अस्थाई रूप से बैठाकर शहर की सड़कों के फुटपाथ खाली कराए जा सकते हैं।