भरतपुर-मथुरा मार्ग की तरह यहां हाईवे पर भी संकरी पुलिया आए दिन दुर्घटनाओं का सबब बन रही है। इन संकरी पुलिया पर बड़े हादसे होने के बाद चौड़ीकरण की चर्चा शुरू होती है, लेकिन होता कुछ नहीं है। हादसों के बावजूद इन पुलिया पर रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे होते हैं। रात के वक्त तेज रफ्तार में दौड़ते वाहनों के लिए यह संकरी पुलिया जानलेवा साबित होती है। मथुरा में हादसे के बाद अमर उजाला ने ऐसी ही कुछ संकरी पुलिया का जायजा लिया तो स्थिति चौंकाने वाली मिली।
पुलिया नंबर एक
नैनीताल हाईवे पर बड़ा बाईपास अंडर पास के आगे संकरी पुलिया पर आए दिन हादसे होते हैं। काफी जर्जर हो चुकी पुलिया की एक तरफ की रेलिंग भी टूट चुकी है। क्षतिग्रस्त पुलिया से औसतन महीने में चार से पांच वाहन नीचे गिरते हैं। पिछले दिनों एक कार रेलिंग से टकराकर क्षतिग्रस्त हुई थी। वहीं एक बाइक सवार भी नीचे गिरा था, जिसकी मौत हो गई थी।
पुलिया नंबर दो
बीसलपुर रोड पर हरुनगला से आगे नकटिया नदी पर बनी संकरी पुलिया भी खतरनाक हैं। सड़क की तुलना में काफी संकरी इस पुलिया पर भी हादसे होते रहे हैं। रात के अंधेरे में इस पुलिया का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। बड़ा बाईपास होते हुए शाहजहांपुर की लिये जाने वाली इस रोड पर संकरी पुलिस जानलेवा साबित होती रही है।
पुलिया नंबर तीन
पीलीभीत हाइवे पर नवाबगंज में बनी संकरी पुलिया पर भी आए दिन हादसे होते हैं। सड़क चौड़ीकरण होने के बाद भी गरगइया गांव के पास बनी पुलिया का चौड़ीकरण नहीं हो सका था। दो दिन पहले रिछौला किफायतुल्ला निवासी मो. अखलाक अपनी बाइक के साथ पुलिस से दुर्घटनाग्रस्त होकर काल के गाल में समा गए थे। एक माह पहले बाइक सवार छोटी बिहार निवासी युवक की पुलिया से टकराकर मौत हुई थी।
पुलिया नंबर चार
पीलीभीत हाईवे पर हाफिजगंज में गंगाशील स्कूल के पास कंपनी रोड चौड़ी की गई, लेकिन पुलिया संकरी छोड़ दी गई। इस पुलिया पर पिछले कुछ महीनों में छह कार, आठ मोटरसाइकिल गिर चुके हैं। दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं। इस पुलिया के चौड़ी होने की मांग पर जिम्मेदार विभाग ने मिट्टी के ढेर लगवा दिए थे। पुलिस से पहले चेतावनी के बोर्ड, रिफ्लेक्टर आदी नहीं लगाए गए हैं। फरवरी में हुए भीषण हादसे के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने पुलिस को सूचना दी थी।
चौड़ी होगी मकेरा पुलिया, शासन ने मांगा प्रस्ताव
मथुरा। अब मथुरा-भरतपुर मार्ग पर मकेरा पुलिया को चौड़ा किया जाएगा। शासन ने इसके लिए प्रस्ताव मांग लिया है। डीएम को तीन दिन के भीतर प्रस्ताव बनाकर भेजना होगा। स्पीड ब्रेकर और लाइटिंग का काम करा भी दिया गया है। इस मार्ग का पूरा नाम पीलीभीत-बरेली-मथुरा-भरतपुर मार्ग है। इसको चार लेन का भी कराया जा रहा है।