पीलीभीत। महिला आरक्षी के पुत्र की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। आरक्षी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने दीपेश ठाकुर और सैफ के खिलाफ रंगदारी, मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
पीलीभीत में तैनात महिला आरक्षी मीना राजपूत ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि टनकपुर हाईवे के निकट स्थित ट्रॉजिस्ट हाॅस्टल में रहती हैं।
उसका पुत्र सौरभ राजपूत भी उसके साथ रहता था। 23 दिसंबर को वह प्रशिक्षण के लिए मेरठ गईं थीं। आरोप है कि दीपेश ठाकुर अक्सर उसके पुत्र से दबंगई के बल पर शराब पीने के लिए रुपये वसूल करता था। कई बार मारपीट भी की। परेशान होकर पुत्र ने जब उसे जानकारी दी तो उसने फोन कर आरोपी को समझाने का प्रयास किया। इसपर वह धमकी देने लगा और 15 हजार रुपये की रंगदारी मांगी।
28 दिसंबर की शाम पीलीभीत स्थित आवास पर दीपेश, सैफ नाम के युवक के साथ वहां पहुंच गया। आरोपी युवक ने शराब लाने की बात कही। डर के चलते वह दोनों के लिए शराब लाया। इसके बाद घर में रखे जेवरात दोनों ने चोरी कर लिए। फिर कहीं दूसरे स्थान पर ले जाकर पुत्र की पिटाई की और आत्महत्या के लिए उकसाया। इसपर 29 दिसंबर को पुत्र ने अपने भाई शोभित व मित्र पल्लवी को फोन कर घटना की जानकारी दी। 30 दिसंबर को उसका शव आवास में पंखे से लटका मिला। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।