बरेली में शादी के बाद भी प्रेमी के घर जाने की जिद पर अड़ी युवती को पिता समेत परिजनों ने मिलकर जान से मारने की कोशिश की। तेजाब मुंह में डालने के साथ शरीर पर फेंक दिया। 12 घंटे चली तफ्तीश में ऑनर किलिंग की कोशिश जैसी स्थिति साफ हो गई है। पुलिस ने युवती के पिता और बहनोई को हिरासत में ले लिया है।
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे से अगरास की ओर जाने वाली सड़क के किनारे मंगलवार की सुबह छह बजे एक युवती आधे कपड़ों में घिसटती मिली। उसका शरीर तेजाब से झुलसा हुआ था। राहगीरों की सूचना पर पुलिस उसे जिला अस्पताल ले आई। मुंह में तेजाब होने से वह बोल नहीं पा रही थी। उसने कागज पर लिखकर नाम मुन्नी देवी और पता शाही थाना क्षेत्र का गांव दाढ़ा बताया।
पिता ने पहले झूठ बोला
पुलिस ने उसके पिता तोताराम को बुलाया तो उसने बताया कि बेटी की शादी 22 अप्रैल को बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र के भगवानपुर में देवेंद्र से की थी। इससे पहले गांव के ही युवक अजय से बेटी के संबंध थे और दो बार उसके संग जा चुकी थी। वह शादी के बाद भी अजय के साथ जाने की जिद कर रही थी। वे वहां उसे समझाने गए थे तो वह दामाद देवेंद्र के मोबाइल से अजय से बात करती मिली। सोमवार रात नौ बजे वह लोग उसे समझाकर अपने घर लौट आए थे। पता नहीं कैसे बेटी यहां आ गई और किसने यह घटना कर दी।
इधर, शाम ढले पुलिस ने खुलासा कर दिया कि घटना युवती के पिता तोताराम, भाई प्रेमकुमार, बहनोई दिनेश ने मिलकर की है। युवती के दूसरे बहनोई छेदालाल के भी वारदात में शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं। पिता और बहनोई ने आरोप स्वीकार कर लिया है। भाई भी थाने में था पर उसकी गिरफ्तारी पुलिस ने अभी नहीं दिखाई है। बुधवार को आरोपी जेल भेजे जाएंगे। पति देवेंद्र की भूमिका जांच के बाद स्पष्ट होगी।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश की जा रही थी। समय रहते पुलिस टीमों ने साक्ष्य जुटाकर सही स्थिति पता कर ली। परिजनों ने ही घटना की है। युवती का बेहतर उपचार कराया जा रहा है।