नए चेहरों पर दांव लगा रहे पुराने तस्कर
पुराने तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई तो उन्होंने बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड वाले ऐसे चेहरों को तलाशा, जिन्हें पैसों की जरूरत थी। कोरोना काल में लोगों के काम-धंधे छूटे तो बेरोजगारी के चलते कई नौजवान स्मैक तस्करों के झांसे में आ गए। हाल ही में दिव्यांग तस्कर बबलू के साथी तीन युवकों को स्मैक तस्करी करते पकड़ा गया था। इन युवकों के साथ ही उनके पूरे परिवार में किसी का नाम पहले स्मैक तस्करी में नहीं आया था। अनिल और शिवम का भी कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं मिला है।
जमानत पर बाहर आ चुके हैं कई तस्कर
साल भर पहले पुलिस ने फतेहगंज पश्चिमी में स्मैक तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। उनके खिलाफ गैंगस्टर के मुकदमे लगाए गए। अवैध कमाई से बनीं उनकी आलीशान कोठियों को गिराया गया। उस्मान, रेहाना, शराफत, सोनू कालिया आदि तस्करों के घर और नन्हे लंगड़ा का बरातघर तोड़ा गया। कल्लू डॉन का घर सील किया गया। अधिकांश तस्करों को जेल भेजा गया। पुलिस के मुताबिक इनमें से कई जमानत पर बाहर आ चुके हैं।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि फतेहगंज पश्चिमी में स्कूल बस से तस्करी करते पिता-पुत्र पकड़े गए हैं। उनके पास से 70 ग्राम स्मैक मिली है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल बस को भी सीज किया है।