फुफेरे भाई से शादी की जिद करने पर एक व्यक्ति ने अपने बेटे की मदद से 15 वर्षीय बेटी को शुक्रवार की रात जसमड़ी पुल पर ले जाकर उसका सीना और पेट चाकू से गोद डाला। इसके बाद दोनों उसे मृत समझकर नहर में फेंककर चले गए। इधर, नहर में पानी कम होने के कारण डूबने से बची किशोरी किसी तरह बाहर निकलकर कुछ दूरी पर बनी झोंपड़ी में छिप गई। बाद में पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
यह किशोरी रोजा (शाहजहांपुर) से सटे हथौड़ा बुजुर्ग इलाके की रहने वाली है। किशोरी ने बताया कि वह अपने फुफेरे भाई के साथ शादी करना चाह रही है जबकि पिता और भाई दूसरी जगह शादी करना चाहते हैं। दो महीने पहले पिता उसे बड़ी बहन की ससुराल जरीयनपुर में छोड़ आए थे, जहां वह रह रही थी।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पिता और भाई जरीयनपुर पहुंचे। घर चलने की बात कहकर बाइक पर बैठाने के बाद पिता और भाई उसे शाहजहांपुर में चाचा के घर लाए, जहां उसे करीब दो घंटे तक रोका। अंधेरा होने पर फिर बाइक पर बैठाया और करीब 35 किलोमीटर दूर जसमड़ी पुल पर ले आए। किशोरी के मुताबिक वहां दोनों ने उसके पेट में साइड से और सीने पर चाकू से कई वार किए और शारदा नहर की हरदोई ब्रांच में फेंककर चले गए।
उसने नहर से बाहर निकलने के बाद अपनी जान बचाई। रातभर पास में ही एक झोंपड़ी में वह छिपी रही। शनिवार सुबह पता चलने पर पुलिस ने उसे पसगवां सीएचसी में भर्ती कराया। उसकी आंत बाहर निकल आई है। हालत गंभीर होने के कारण पहले उसे जिला अस्पताल और फिर लखनऊ रेफर कर दिया गया।