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फतवे में मारिया फ्रोजन के मांस को हलाल बताया

Sun, 25 Jun 2017 12:55 AM IST
बरेली
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दरगाह आला हजरत के मरकज दारुल इफ्ता की पांच सदस्यीय मुफ्तीयाने शरिया ने मारिया फ्रोजन प्राइवेट लिमिटेड का दौरा करके एक सवाल के जवाब में फतवा जारी किया है कि फैक्ट्री के मुआयने में सुन्नी मुसलमान जानवर को जिबह करता पाया गया।  इसलिए फैक्ट्री में हलाल मांस मिलता है।
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पुराना शहर के मोहल्ला चक महमूद निवासी मोहम्मद तौफीक रजा तहसीनी ने दारुल इफ्ता में सवाल कि या था। उसमें कहा था कि आजकल जो मांस बाजार में बिक रहा है वो ऐसी फैक्ट्री और कमेले से आ रहा है कि जिन में बहावी और सुन्नी मसलक दोनों के ही लोग काम कर रहे हैं। यह भी पता नहीं चलता है कि जिबह करने वाले कौन हैं। ऐसे में फैक्ट्रियों और अन्य कंपनियों से खरीदे जाने वाले मांस को लेकर क्या हुक्म है। सवाल के अलावा  अफवाह फैलाई जा रही थी कि फैक्ट्री में करंट लगाकर जानवरों को मारने के बाद जिबह किया जाता है। ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां(अजहरी मियां) और साहबजादा-ए-ताजुश्शरिया काजी शाह हजरत मौलाना असजद रजा खान के हुक्म से इस मसले के हल को मरकज-ए-दारुल इफ्ता के मुफ्ती अफजाल रजवी की अगुवाई में मुफ्ती अमिनुल कादरी, मुफ्ती मुनाम, मुफ्ती कौसर और मौलाना आबिद पांच सदस्यीय मुफ्तीयाने शरिया को अचानक 21 जून को माफिया फ्रोजन में भेजा गया था। 

गौकशी करने वालों की दुकानदारी बंद हो गई है। इसलिए वह मारिया फ्रोजन को बदनाम करने के लिए अफवाह फैला रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए- हाजी शकील कुरैशी, चेयरमैन, मारिया ग्रुप   
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