बरेली। एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने अब तक टोल प्लाजा पर फास्टैग की सप्लाई नहीं दी है, इसके चलते अन्य एजेंसियां मनमाना शुल्क वसूल कर लोगों को लूट रही हैं। एक सप्ताह बाद फास्टैग अनिवार्य होने से इसकी रिकॉर्ड बिक्री हो रही है। निजी बैंक कोटक महेंद्रा और एक्सिस ने टैग इश्यू करना शुरू कर दिया है, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों ने अब तक कोई कारगर पहल नहीं की है।
टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम अनिवार्य होने में अब सिर्फ एक सप्ताह बचा है, इसलिए टैग की मांग बढ़ती जा रही है, जबकि एनएचएआई टैग सुविधा देने में असफल साबित हुआ है। निजी बैंक कोटक महेंद्रा और एक्सिस ने फास्टैग उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों ने अब तक कोई पहल नहीं की है। एसबीआई, बड़ौदा बैंक और पीएनबी जैसे प्रमुख बैंक फिसड्डी साबित हो रहे हैं। इसका फायदा टैग जारी करने वाली पेटीएम समेत अन्य एजेंसियां उठा रही हैं। वे लोगों से जबरन आधार और पेन कार्ड मांग रही हैं, इसके बगैर टैग इश्यू नहीं कर रही हैं, जबकि आधार इसके लिए जरूरी नहीं है। एजेंसियों की मनमानी और अव्यवस्थाओं के बीच 40 प्रतिशत से अधिक टैग की रिकॉर्ड बिक्री हुई है। बरेली-दिल्ली मार्ग पर एनएचएआई ने निजी क्षेत्र की कंपनियों के एजेंट बैठा दिए हैं जो आवेदकों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। टोल प्लाजा पर तैनात प्रबंधक और स्टाफ सही स्थिति भी नहीं बता पा रहा है।
इधर, कोटक महेंद्रा बैंक प्रबंधन ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कोई भी व्यक्ति संबंधित शाखा में फास्टैग के लिए संपर्क कर सकता है। इसके साथ ही उनकी वेबसाइट पर भी यह सुविधा उपलब्ध है। वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी ललिता तिवारी ने बताया कि टैग लेने के लिए बैंक का खातेदार होना जरूरी नहीं है। बैंक शाखा में स्पष्ट निर्देश पहुंचते ही टैग बुकिंग का कार्य शुरू हो गया है। एक्सिस बैंक पहले से टैग दे रहा है।