बिशारतगंज। कस्बे की क्षेत्रीय सहकारी समिति पर डीएपी व राजकीय बीज भंडार पर गेहूं बीज नहीं मिलने से किसानों को दोनों केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
रवि फसलों की बोआई की तैयारी में लगे किसानों का कहना है कि हर वर्ष गेहूं बीज की बुवाई के समय डीएपी सरकारी बिक्री केंद्रों से गायब हो जाती है। मजबूरन किसानों को बाजार से महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने पड़ते हैं। किसान कहते है कि बाजार के उर्वरक की गुणवत्ता विश्वसनीय नहीं होती है।
कस्बे में क्षेत्रीय सहकारी समिति के अलावा उर्वरक बिक्री के लिए एक एग्री जंक्शन है। इन दोनों स्थानों पर इफको उत्पादन उर्वरक की बिक्री की जाती है। किसान अन्य कंपनियों की तुलना में इफको की यूरिया, खाद, डीएपी व अन्य उर्वरक खरीदना अधिक पसंद करते हैं, लेकिन पिछले काफी समय से इन दोनों ही केंद्रों पर डीएपी नदारद है। राजकीय बीज भंडार पर भी गेहूं बीज को लेकर मारामारी है।
सहकारी समिति के सचिव पंकज शर्मा ने बताया कि डीएपी की डिमांड लगा रखी है। रैक के आते ही डीएपी किसानों को मुहैया करा दी जाएगी। किसानों का आरोप है कि डीएपी की समस्या के प्रति अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि भी गंभीर नही है। संवाद