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Bareilly News: धान बेचने के लिए बढ़ा किसानों का इंतजार

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बरेली। अबकी बार मोटे धान की खूब पैदावार हुई है। फसल भी पिछले साल के मुकाबले में पहले पककर तैयार हो गई। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ने लगी है। केंद्र प्रभारियों ने किसानों को अलग-अगल तिथि पर केंद्रों पर बुलाया है। इससे समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों का इंतजार बढ़ गया है।
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विभाग के अुनसार जिले में 7 लाख 59 हजार मीट्रिक टन धान की पैदावार अनुमानित है। इसमें मोटा धान भी शामिल है। अधिकारी बताते हैं कि मोटे धान की पैदावार भी खूब हुई। आवक के आधार पर अधिकारियों ने पैदावार अधिक होने का अनुमान लगाया है। पिछले साल 10 अक्तूबर से मोटे धान की आवक क्रय केंद्रों में हुई थी। अबकी बार तीन अक्तूबर से ही धान की आवक हुई।
जिले के 122 क्रय केंद्रों में 25 अक्तूबर तक 6570 मीट्रिक टन खरीद हो गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 2800 मीट्रिक टन खरीद हुई थी। धान की आवक बड़ी तेजी के साथ हो रही है क्योंकि अबकी बार फसल पिछले सीजन से करीब पंद्रह दिन पहले ही तैयार हो गई है। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए लंबा इंतजार किसान कर रहे हैं। कतार लग रही है। अधिक भीड़ न लगे, इसे लेकर क्रय केंद्र प्रभारी तौल की तिथि तय करके किसानों को अवगत करा रहे हैं।
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किसानों को एक एक महीने बाद की तिथि मिल रही है। इससे किसान परेशान हो रहे हैं। धान की कटाई के बाद फसल को सुरक्षित रखना किसानों के लिए परेशानी की सबब बन गई है। सामान्य धान के लिए 2369 रुपये और ग्रेड-ए धान के लिए 2389 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। खुले बाजार में सरकारी समर्थन मूल्य से धान करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल महंगा है। खुले बाजार में मोटे धान का भाव 1800-1850 रुपये प्रति क्विंटल है। इसलिए किसानों का रुझान क्रय केंद्रों के लिए अधिक है। भीड़ बढ़ने की वजह से लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ब्यूरो
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अगर कोई असुविधा हो तो इन नंबरों पर कॉल कीजिए
0581-4002279 (सुबह दस से शाम पांच बजे तक कॉल कीजिए)

सभी क्रय केंद्र हों संचालित, न करना पड़े इंतजार
मैं अपने गांव के करीब कुआंडांडा स्थित धान क्रय केंद्र गया। वहां पर चार क्रय केंद्र होने का दावा था लेकिन मौके पर ही दो केंद्र संचालित मिले। मुझे धान की तौल के लिए 10 दिसंबर का समय दिया गया है। इतने दिन तक धान को काटकर सुरक्षित रखना मुसीबत की बात है। अगर सभी क्रय केंद्र संचालित हो जाएं तो दिक्कत खत्म होगी। -देवेंद्र कुमार, निवासी अमृता गांव
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अगर हुई तौल में देरी तो औने-पौने में बेचने की होगी मजबूरी
धान खरीद की सरकारी खरीद में लंबा इंतजार किसान को घाटा देगा। औने-पौने में अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर करेगा। इसलिए मैं यही कहूंगा कि ऐसा इंतजाम किया जाए, जिससे किसानों को दिक्कत न आए। -राकेश कुमार, राष्ट्रीय किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष


पहले आओ-पहले पाओ के सिद्धांत पर क्रय केंद्रों में तौल के लिए किसान को तिथि दी जा रही है। किसानों को धैर्य बनाए रखना चाहिए क्योंकि खरीद 31 जनवरी तक चलेगी। किसान अपनी सुविधा के लिए घर से ही धान की नमी सुखाकर लाएं तो क्रय केंद्र पर अधिक वक्त नहीं लगेगा। अगर किसी कहीं कोई दिक्कत आती है तो कंट्रोल रूम में कॉल करें।
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- कमलेश पांडेय, डिप्टी आरएमओ
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