बरेली गन्ना परिक्षेत्र में हैं 17 चीनी मिलें
बहेड़ी, फरीदपुर, मीरगंज, नवाबगंज, सेमीखेड़ा, पीलीभीत, बरखेड़ा, बीसलपुर, पूरनपुर, निगोही, मकसूदापुर, रौजा, तिलहर, पुवायां, बदायूं, बिसौली, कासगंज।
| जिला |
पेराई का अनुमान |
बीते साल हुई पेराई |
| बरेली |
249.00 |
329.37 |
| पीलीभीत |
243.00 |
279.72 |
| शाहजहांपुर |
313.00 |
322.15 |
| बदायूं |
39.50 |
41.10 |
| कासगंज |
15.50 |
15.50 |
| कुल |
860.00 |
997.83 |
(आंकड़े लाख क्विंटल में दिए गए हैं)
उप गन्ना आयुक्त राजीव राय ने बताया कि बरेली के साथ शाहजहांपुर और पीलीभीत में जुलाई और सितंबर की बाढ़ में फसलें बर्बाद हुईं। लाल रोग ने भी उत्पादन को प्रभावित किया है। उत्पादन बीते साल से घट रहा है। इस बार बीते सत्र से करीब एक करोड़ तीस लाख क्विंटल पेराई होने कम होने का अनुमान है।
बरेली के जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने कहा कि नवाबगंज और बहेड़ी क्षेत्र में गन्ने के खेतों में बाढ़ पानी भर गया और डूबने से फसलें खराब हो गईं। उम्मीद के मुताबिक चीनी मिलों को गन्ना नहीं मिल सका। गन्ने की कमी से बहेड़ी, फरीदपुर, नवाबगंज और मीरगंज चीनी मिलों ने बंदी का नोटिस दे दिया है। फरीदपुर, नवाबगंज और बहेड़ी इसी महीने बंद हो सकती हैं। मीरगंज और सेमीखेड़ा मार्च में पेराई सत्र के समापन की तैयारी की है।