बरेली। आईसीएआर-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान पशुधन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। प्राकृतिक खेती, उन्नत नस्ल के मवेशियों के पालन, केवल बछिया पैदा करने वाले सीमेन का प्रयोग करने से किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। ये बातें मंगलवार को आयोजित प्रथम फॉलोअप इंटरफेस मीट में मुख्य अतिथि मत्स्य, डेयरी व पशुपालन राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहीं।
मीट में 26 राज्यों व पांच केंद्र शासित प्रदेशों के पशुपालन विभाग के निदेशकों व आयुक्तों ने प्रतिभाग किया। मुख्य अतिथि ने उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। बछड़ों के बधियाकरण के लिए पशुपालकों को प्रोत्साहित करने की बात कही। निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने संस्थान की उपलब्धियां बताईं। एनईपी के तहत की गई शैक्षिक पहल का भी विवरण दिया।
संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रूपसी तिवारी ने भी विचार साझा किए। संचालन डॉ. रोहित कुमार ने किया। इस दौरान संयुक्त निदेशक शोध डॉ. एसके सिंह, संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डॉ. एसके मेंदीरत्ता, संयुक्त निदेशक कैडराड डॉ. सोहिनी डे, आईटीएमयू प्रभारी डॉ. बबलू कुमार आदि उपस्थित रहे। संवाद