बहेड़ी के गांव बिजोरिया में किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान समेत अन्य समस्याओं का निस्तारण न होने पर महापंचायत की। भारतीय किसान यूनियन ने इस आयोजन में प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन पर आरोप लगाए।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष बलजिंदर सिंह मान ने केसर चीनी मिल प्रबंधन पर फर्जी वादे करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन की मिलीभगत का भी जिक्र किया। कहा, किसानों का पिछले पेराई सत्र का 146 करोड़ रुपये बकाया है। चीनी मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शरद मिश्रा ने 20 फरवरी तक भुगतान का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। मान ने स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन और गन्ना विभाग को इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि चीनी मिल की जमीन नीलाम करने की सूचना फैलाकर किसानों को भ्रमित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नलिन सिंह ने प्रशासन से किसानों को रुपये दिलाने में हस्तक्षेप की मांग की।
अन्य समस्याएं और मांगें
महापंचायत में भुड़िया फीडर की जर्जर हाईटेंशन लाइन का मुद्दा भी उठा। इससे विद्युत आपूर्ति सुचारू नहीं रहती है और बिजली के तार गिरने से फसल जल रही हैं। किसानों ने इन समस्याओं के समाधान की मांग की। विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके भेजा गया। महापंचायत में चौधरी अजीत सिंह, योगेश पाल सिंह, दानिश बाबा, योगेंद्र यादव, सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
000000000000000
0000000000
चीनी मिल पर बकाया गन्ना भुगतान, किसानों ने किया प्रदर्शन
नवाबगंज। पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने किसानों के साथ तहसील परिसर में सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ओसवाल चीनी मिल पर बकाया गन्ना भुगतान के संबंध में था। किसानों का वर्ष 2023-24 का करीब 43 करोड़ 33 लाख 90 हजार रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है, जिसमें ब्याज अलग है। सुनीता गंगवार ने कहा कि प्रशासन और मिल मालिक किसानों का दर्द नहीं समझ रहे। इससे किसानों के बच्चों की शिक्षा और शादी पर असर पड़ रहा है। मौके पर गए तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने किसानों से वार्ता की। उन्होंने गन्ना भुगतान शीघ्र कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने किसानों को तीन मई तक का समय दिया है। तीन मई को तहसील और जिले के अधिकारी मौजूद रहेंगे। किसानों का भुगतान हर हाल में कराया जाएगा। संवाद