बदायूं जिला अस्पताल पहुंचे पुलिस अधिकारी
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बदायूं में एसएसपी कार्यालय में आग लगाने वाले किसान किशनपाल की बरेली के श्रीराममूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज में सुबह चार बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने रात 11 बजे ही जवाब दे दिया था। उन्होंने कह दिया था कि किशनपाल का बचना मुश्किल है। वह उपचार कर उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। परिवार वाले उन्हें कहीं हायर सेंटर रेफर कराने का विचार कर रहे थे। इसी दौरान सुबह चार बजे किशनपाल ने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना पर पुलिस पहुंच गई है। किसान के शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी चल रही है।
एसएसपी कार्यालय में किसान ने खुद को लगाई आग
आपको बता दें कि बदायूं में एसएसपी कार्यालय में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे किसान किशनपाल (45) ने खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। किसान को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया। जहां से बरेली रेफर कर दिया गया। किशनपाल खेत में एकत्र किए गए गेहूं की फसल में आग लगाने पर कार्रवाई न होने से नाराज था।
आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने किशनपाल पर भी मुकदमा दर्ज कर दिया। एसएसपी ओपी सिंह ने मामले में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी, मंडी चौकी प्रभारी राहुल पुंडीर, पूर्व मंडी चौकी प्रभारी अशोक कुमार (वर्तमान में दहगवां चौकी प्रभारी) सिपाही अशीष कुमार और मनोज कुमार को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा को दी गई है।
किसान किशनपाल सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव दौरी रसूलपुर निवासी हैं। उनके बेटे अमरजीत के मुताबिक 23 अप्रैल को गांव के कुछ लोगों ने उनके खेत में एकत्र की गई गेहूं की फसल को जला दिया था। दूसरे दिन इसकी शिकायत पुलिस से करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। 25 अप्रैल को उन्होंने सिविल लाइंस थाने आकर रामऔतार, रामेश्वर, ओमेंद्र, रामेंद्र, श्रीराम, विवेक, ओमवीर और देवेंद्र आदि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन मंडी चौकी प्रभारी ने दूसरे दिन किशनपाल पर भी मामला दर्ज करा दिया।