फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शांति विहार में नकली शराब की फैक्टरी पकड़ी, दो गिरफ्तार

सार

अरुणाचल में बिकने वाली शराब के नकली रेपर लगाकर बेच रहे थे
 
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में भी हो सकता था अलीगढ़ जैसा बड़ा हादसा
विज्ञापन

ढाबों के अलावा आसपास के जिलों में होती थी सप्लाई

बरेली। बारादरी पुलिस ने सुभाषनगर की शांति विहार कॉलोनी के एक घर में चल रही नकली शराब की फैक्टरी पकड़ी है। मौके से दीप और राजीव गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अर्जुन समेत दो लोग भाग गए। मकान से पुलिस को भारी मात्रा में नकली बार कोड, अरुणाचल प्रदेश में बिकने वाली देसी शराब के नकली रेपर और केमिकल बरामद हुआ है।
विज्ञापन

श्यामगंज चौकी प्रभारी अजय कुमार शुक्ला को पता चला कि सुभाषनगर की शांति विहार कॉलोनी में एक घर में नकली शराब की फैक्टरी चल रही है। यहां से पूरे शहर में शराब सप्लाई की जा रही है। अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद चौकी इंचार्ज ने सुभाषनगर पुलिस की मदद से बुधवार रात शांति विहार में राजीव गुप्ता के घर छापा मारा। यहां नीचे कमरे में शराब की फैक्टरी चलती मिली। पुलिस को देखकर राजीव और दीप ने भागने की कोशिश की, लेकिन दोनों को पकड़ लिया गया, जबकि दो लोग भाग गए। पुलिस ने मौके से 13 पेटी में भरे अंग्रेजी और देसी शराब के 580 पौवे, नकली रेपर, बार कोड, ईएनए (एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल), केमिकल, एल्कोहल मीटर, दो कट्टों में खाली पौवे, ढक्कन आदि बरामद किए हैं।

कई ब्रांड के रेपर हुए बरामद

फैक्टरी में राजीव, दीप और अुर्जन नकली शराब बनाकर उस पर जो रेपर चस्पा कर रहे थे, वे अरुणाचल प्रदेश के ब्रांड के थे। बरामद रेपर सोल्जर, ड्रीम गर्ल, गोल्डन ग्रीन नाम के हैं। इंस्पेक्टर बारादरी ने बताया कि रेपर में शराब की फैक्टरी का पता अरुणाचल प्रदेश का है। ये रेपर भी नकली हैं। नकली शराब बरेली और आसपास के कस्बों के अलावा हाईवे स्थित ढाबों पर बेची जाती थी। दीप और अर्जुन टैंकर ड्राइवर की मिली भगत से एल्कोहल चुराकर नकली शराब तैयार कर रहे थे।

पकड़े जाने के डर से बदलते रहते थे ठिकाने

पकड़े गए तीनों आरोपी तीन साल से नकली शराब बना रहे थे। पुलिस के मुताबिक, सरगना राजीव मकान किराये पर लेकर वहां शराब बनाता था। कुछ महीनों बाद जब आसपास के लोगों को पता चलता था तब ये लोग दूसरी जगह मकान ले लेते थे। अब राजीव ने सुुुभाषनगर की शांति विहार कॉलोनी में अपना मकान बना लिया था। यहां उसने शराब फैक्टरी के लिए अंडरग्राउंड हाल भी बनवाया था।

अलीगढ़ की तरह हो सकता था बड़ा कांड

पुलिस के मुताबिक, ये लोग नकली शराब बनाकर उसे बरेली और आसपास के शहरों में सप्लाई करते थे। इतना ही नहीं सेल्समैन भी रख रखे थे जो पान की दुकानों के आसपास लोगों को पौव्वे बेचते थे। इससे उन्हें खासी आमदनी होती थी। नकली शराब में अगर केमिकल की मात्रा जरा सी भी बढ़ जाती तो यहां भी अलीगढ़ जैसा बड़ा कांड हो सकता था। गनीमत रही समय रहते नकली शराब की फैक्टरी पकड़ ली गई।

शराब कहां-कहां बेची जाती थी, इसके बारे में पूछताछ की गई है। ऐसे दुकानदारों की लिस्ट तैयार की जा रही है। आबकारी विभाग से बात कर ऐसे लोगों पर कार्रवाई कराई जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें