बरेली। यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से सरकारी अस्पतालों में अधोमानक दवाइयाें की सप्लाई का खेल जारी है। हर महीने किसी न किसी दवा का सैंपल फेल हो रहा है। मरीजों की सेहत से खिलवाड़ और इलाज के नाम पर उनके साथ हो रहे धोखे पर शासन भी खामोश है। इस बार आई ड्रॉप का सैंपल फेल हुआ है। जिला अस्पताल को करीब पांच हजार आई ड्रॉप की कॉरपोरेशन ने 26 मार्च, 2018 को सप्लाई भेजी थी। ये सभी ड्रॉप रोगियों को बांटे भी जा चुके हैं।
जिला अस्पताल में करीब दो साल पहले यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन ने दो सौ आई ड्रॉप भेजे थे। इन्हें मरीजों को बांटा भी जा चुका है। कॉरपोरेशन से गुरुवार को जिला अस्पताल प्रशासन को पत्र मिला, इसमें कहा गया है कि जो आई ड्रॉप भेजे गए थे, वह जांच में अधोमानक पाए गए हैं, लिहाजा उनका रोगियों का वितरण बंद कर दिया जाए। जांच में यह भी पाया गया कि प्लास्टिक की जिस रंगीन वॉयल में ड्रॉप पैक है, वह रंग छोड़ रही हैं। कॉरपोरेशन ने सभी ड्रॉप वापस मंगाए है, जबकि जिला अस्पताल में अब इस बैच नंबर का कोई ड्रॉप बचा ही नहीं है। बरेली के अलावा इसकी सप्लाई हरदोई, औरेया, गोंडा, बलिया, बलरामपुर, सुल्तानपुर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मथुरा, मैनपुरी, सीतापुर, महाराजगंज, मऊ और वाराणसी के जिला अस्पतालों को भी की गई थी।
सांस व खांसी की दवा का सैंपल भी फेल
आई ड्राप का सैंपल फेल होने के साथ ही खांसी व सांस में दी जाने वाली दवा प्रेडेनीसोलेन टैबलेट का भी सैंपल फेल हो गया है। जुलाई 2019 में इसकी दो हजार टैबलेट आईं थी। सभी टैबलेट का वितरण हो चुका है। अब सैंपल फेल होने की रिपोर्ट आई है। जिला अस्पताल में मरीज दवा लेने इस भरोसे के साथ आता है कि वह यहां से ठीक होकर जाएगा लेकिन यहां वह ठीक नहीं हो रहा है। कारण यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से आने वाली दवाइयों के सैंपल लगातार फेल हो रहे हैं। यह अधोमानक है। मरीजों का न इन पर कोई असर हो रहा है और न ही नुकसान कर रही है। मरीज बस भरोसे में चल रहा है कि वह अस्पताल से दवाईयां ले रहा है।
लगातार फेल हो रहीं दवाएं
अब तक ओंडनसेट्रान सिरप, डेक्सामेथासोन, आर्टिसुनेट, आयरन फ्लोरिक एसिड, इंजेक्शन एल्टीक्यूहेट, लिग्नोकेन विथ एडिनोलिन, एमॉक्साक्लिन एंड पोटेशियम क्लाउलेनेट आदि दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। ये सभी दवाएं यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन ने ही भेजी थीं।
कॉरपोरेशन से इस तरह का कोई पत्र आया होगा तो कार्यालय में रिसीव हुआ होगा। मुझे अभी इसकी जानकारी नहीं है। यह सच है कि कुछ दवाएं के सैंपल फेल हुए हैं। - डॉ. टीएस आर्या, सीएमएस जिला अस्पताल