रोस्टर में बदलाव: पहले चरण में 11 के बजाय 14 जून और दूसरे में 20 से 30 तक बंटेगा राशन
बरेली। लॉकडाउन में बड़ी संख्या में घरों को लौटकर आए प्रवासी मजदूरों को राशन वितरण में दिक्कत न आए, इसे देखते हुए शासन ने कोटे की दुकानों के रोस्टर में बदलाव किया है। कोटे की दुकानों को महीने के पहले चरण में तीन और दूसरे चरण में एक दिन की बढ़ोतरी कर दी है। डीएसओ की ओर से ये आदेश सभी कोटेदारों को भी जारी कर किए गए हैं।
महामारी के इस कठिन दौर में बड़ी तादाद में घर लौटे प्रवासी मजदूरों के सामने भुखमरी के हालत हैं। हालांकि शासन ने इन मजदूरों को कोटे की दुकानों से निशुल्क राशन देने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन इसमें दिक्कत यह आ रही है कि नियमित कार्डधारकों के साथ प्रवासी मजदूरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसके चलते मौजूदा रोस्टर के हिसाब से उन्हें राशन देने में परेशानी आ रही है। इसलिए शासन ने कोटे की दुकानों के रोस्टर में यह बदलाव किया है कि गेहूं, चावल व चने का वितरण अब एक से 11 जून के बजाय 14 जून तक होगा, जबकि दूसरे चरण में वितरण 15 से 24 जून की जगह 20 से 30 जून तक होगा। यानी पहले चरण में चार दिन और दूसरे चरण में एक दिन बढ़ाया गया है। अपर आयुक्त अनिल कुमार दुबे ने शासनादेश में यह निर्देश भी दिए हैं कि पूर्ति विभाग के अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोरोना काल में कोई व्यक्ति राशन पाने से वंचित न रह जाए।
प्रवासी मजदूरों को आसानी से राशन मिल सके, इसलिए कोटे की दुकानों को खोलने के दिन बढ़ा दिए गए हैं। इस अनुपालन कराया जा रहा है। -सीमा त्रिपाठी, डीएसओ