एनओसी देने वाले भी फंसेंगे
निरीक्षण में उप निदेशक को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के मुताबिक प्लांट की फायर एनओसी जुलाई 2020 में जारी की गई है जो जुलाई 2023 तक प्रभावी है। दोनों प्लांट की एनओसी एक ही है। दोनों का नक्शे में ब्लॉक अलग होना चाहिए जो नहीं किया गया है। ऐसे में मानकों को परखे बिना एनओसी जारी करने वाले अधिकारी व कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। इसके साथ ही अधिकारी ने दूसरे प्लांट की भी एनओसी पर सवाल उठाकर उसे रद्द करने की सिफारिश की है।
डीजी बोले- कोई दोषी नहीं बचेगा
यह थी घटना
फरीदपुर में हाईवे किनारे स्थित अशोका फोम फैक्टरी में 10 मई की शाम भीषण आग लग गई थी। फैक्टरी में काम करने वाले राकेश, अरविंद, अनूप और अखिलेश की जलकर मौत हो गई थी। चार लोगों के शव पूरी तरह चल चुके थे। उनकी पहचान भी मुश्किल थी। इस मामले में फैक्टरी मालिकों और मैनेजर पर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।