फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोधी बताएं कैसे आया हेलीकॉप्टर से सपा का सिंबल

Thu, 12 May 2016 01:02 AM IST
ब्ययूराो अमर उजाला बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में रामपुर-बरेली स्थानीय निकाय सीट से सदस्य पद पर चुनाव नामांकन के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर से सीएम के ओएसडी के जरिए सपा प्रत्याशी घनश्याम लोधी का प्राधिकार पत्र (सिंबल) लाने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भाजपा प्रत्याशी रहे पीपी सिंह की चुनावी याचिका को स्वीकार कर इस मामले में नौ अगस्त तक लोधी को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। इससे लोधी और सपा के साथ ही जिला प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
विज्ञापन

पीपी सिंह ने सरकारी हेलीकॉप्टर के जरिए लोधी के लिए सपा का प्राधिकार पत्र फार्म ए और बी मुख्यमंत्री के ओएसडी के जरिए लाने को सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग और आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने लोधी से नौ अगस्त तक जवाब दाखिल करने के नोटिस को समाचार पत्र में प्रकाशित करने के निर्देश भी रजिस्ट्रार जनरल को दिए हैं। पीपी सिंह की ओर से दाखिल चुनाव याचिका में कहा गया है कि 15 फरवरी को सुबह सवा 11 बजे सपा प्रत्याशी के रूप में डॉ. अनिल शर्मा ने नामांकन दाखिल किया, उसके बाद दोपहर 2.28 बजे घनश्याम लोधी ने सपा प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल कर दिया। इतने कम समय में सपा की ओर से लखनऊ से लोधी के लिए प्राधिकार पत्र भेजने का हेलीकॉप्टर के अलावा कोई रास्ता ही नहीं था और ऐसा ही किया गया। इसके लिए सरकारी हेलीकॉप्टर भेजा गया और पत्र लेकर मुख्यमंत्री के ओएसडी जगदेव सिंह आए। उन्होंने सरकारी अधिकारी होते हुए सपा के वर्कर के तौर पर काम करके न सिर्फ सरकारी सेवा नियमावली का उल्लंघन किया बल्कि सपा प्रत्याशी के अधिकार पत्र के लिए सरकारी मशीनरी और हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल से आचार संहिता का उल्लंघन भी हुआ। याचिका में इसके लिए रिटर्निंग आफिसर की ओर से सपा प्रत्याशी को नोटिस दिए जाने और बाद में बतौर जुर्माना 2.10 लाख रुपये सिविल एविएशन को वसूले जाने का उल्लेख भी किया गया है। यह भी कहा गया है कि पुलिस लाइन में लैंडिंग चार्ज के तौर पर सपा ने 2500 रुपये जमा किए गए। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि सरकारी हेलीकॉप्टर का उपयोग सपा प्रत्याशी के लिए किया गया। भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक और डीएम की रिपोर्ट का हवाला देकर याचिका में एमएलसी के निर्वाचन की प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की गई है। वहीं, भाजपा के जिलाध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा है कि एमएलसी चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन प्रत्यक्ष तौर पर किया गया। सपा ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किस हद तक किया, ये हेलीकॉप्टर प्रकरण से सबने देखा इसलिए हाईकोर्ट से इस मामले में न्यायोचित निर्णय होने की पूरी उम्मीद है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें