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विशेषज्ञ मायूस.. इस बारिश में बाघिन का ढूंढना मुश्किल

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पगमार्क मिटने से रेस्क्यु करने में कई दिन लगने की उम्मीद जताई
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देहरादून और पीटीआर की टीम लौटी, आगरा से आए नए विशेषज्ञ

फतेहगंज पश्चिमी। बारिश से लोकेशन न मिलने से बाघिन को पकड़ने का अभियान थमने लगा है, जिसकी वजह से अब रेस्क्यु में कई दिन लगने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बारिश के चलते अब कैमरे को भी दो से तीन दिन में एक बार ही चेक किया जा सकेगा। वहीं आगरा से एक विशेषज्ञ बुधवार को फैक्टरी पहुंचे हैं, जिससे अभियान को थोड़ी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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करीब तीन दिन पहले देहरादून और पीटीआर से आए वन्य जीव और रेस्क्यु विशेषज्ञों का दल वापस चला गया था। मगर कानपुर के एक्सपर्ट आरके सिंह बाघिन को बेहोश कर पकड़ने के लिए अब भी जुटे हुए हैं। ऐसे में अब एक और विशेषज्ञ, जो आगरा के हैं, बुधवार को रेस्क्यु में सहयोग के लिए फैक्टरी पहुंचे। बता दें कि पिछले कई महीने से फैक्टरी के जंगल में घूम रही बाघिन वन विभाग के लिए सिर दर्द बन गई है। पैंतरेबाजी के चलते विभाग की सभी योजनाएं धरी की धरी रह गई हैं। पहले बाघिन की सटीक लोकेशन नहीं मिल रही थी और जब उसे बेहोश करने का मौका आया तो विशेषज्ञ मौके पर नहीं मिले। इसके बाद बारिश की भविष्यवाणी के चलते देहरादून और पीटीआर से आए विशेषज्ञ करीब दो हफ्ते के प्रयास के बाद वापस लौट गए। अब बारिश के चलते पगचिह्न भी ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं। फिलहाल कानपुर और आगरा के विशेषज्ञ फैक्टरी के जंगल में रहकर बाघिन को पकड़ने की योजना बना रहे हैं। डीएफओ भरतलाल ने बताया कि बारिश से बाघिन के चौकन्ना होने से अब कैमरे तीसरे चौथे दिन ही देखे जा सकेंगे।
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