फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: टूट कर रोज बिखर जाते है, कैसे कह दूं...

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बरेली लिटरेचर फाउंडेशन की ओर से शानदार मुशायरा ‘इश्क नहीं आसान’ का आयोजन आईएमए हाल में किया गया। समाजसेवी और पीडीए नेता डॉ. अनीस बेग और शायर आरिश हाफी के संयोजन में आयोजित मुशायरे में देशभर के नामचीन शायरों ने शिरकत की।
विज्ञापन

मुशायरों की इस महफिल में शायरों ने अपने कलाम पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में वसीम नादिर ने पढ़ा ‘तुम दर्द सुना कर चले गए, उसके बाद बहुत टूट-फूट मुझमें हुई’। राहिल सकलैनी ने पढ़ा ‘मुस्करा कर वो बात करता हुआ और मैं जख्म जैसा भरता हुआ’। आतिफ रईस ने पढ़ा ‘मेरा खयाल यही था के जिंदगी अगर मुझको मिली तो मेरे नाम से पुकारोगे’। मध्यम सक्सेना ने कहा ‘दिल का रास्ता बिल्कुल सीधा होता है, दाएं बाएं तो दुनियादारी होती है’। शिल्पी सक्सेना पढ़ा ‘अपनी माटी के गीत लाई हूं गीत में मैं स्वदेश लाई हूं’। फहीम दानिश ने कहा ‘टूट कर रोज बिखर जाते हैं कैसे कह दूं फूल जैसे हो फूल तो मुंह नहीं बनाते’। उन्नति राधा शर्मा, अली शारिक, अनुज कपूर ने शानदार कलाम पेश किए।
इस मौके पर डॉ. अनीस बेग ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि उर्दू अदब और गंगा-जमुनी तहजीब को जिंदा रखना है। इस मुशायरे के जरिए मोहब्बत, अमन और इंसानियत का पैगाम देना चाहते हैं। अंत में सभी मेहमान शायरों को सम्मान चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सबीन अहसन, स्मिता यादव, डॉ. आसिफ, अधिवक्ता हुरिया रहमान, अधिवक्ता रोशनी खान, रहमान, फसाहत नूर खान, इरफान अली, उवैस खान आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें