बरेली। त्योहार बीतने के बाद भी शुक्रवार को परिषदीय स्कूल अब भी अवकाश जैसा नजारा दिखा। शहर के स्कूलों की पड़ताल में शिक्षा व्यवस्था की बेहद लचर तस्वीर सामने आई। किसी स्कूल में बच्चे नदारद मिले तो कुछ में शिक्षक ही नहीं पहुंचे। जिम्मेदार अधिकारी भी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद नहीं दिखे।
दोपहर 12:43 बजे
कंपोजिट विद्यालय बारादरी
स्कूल परिसर में एक भी विद्यार्थी मौजूद नहीं था। बालिका शौचालय का गेट टूटा मिला। अनुदेशक नौशाबा आजमी कक्ष में बैठी मिलीं। उन्होंने कहा कि सुबह 25 बच्चे आए थे, लेकिन जुमा होने के कारण जल्दी चले गए। हालांकि, उपस्थिति रजिस्टर ने उनके दावे की पोल खोल दी। पंजिका में एक भी बच्चे की हाजिरी दर्ज नहीं थी। प्रधानाध्यापिका सलमा बेगम भी अनुपस्थित मिलीं। अनुदेशक ने बताया कि तबीयत खराब होने की वजह से वह थोड़ी देर पहले ही घर चली गईं।
दोपहर 12:55 बजे
प्राथमिक विद्यालय कालीबाड़ी प्रथम
यहां भी विद्यार्थियों की स्थिति शून्य मिली। विद्यालय की दोनों शिक्षिकाएं कागजी काम निपटाती नजर आईं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में 48 बच्चे पंजीकृत हैं और सामान्य तौर पर 30 से अधिक की उपस्थिति रहती है, लेकिन जुमा होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं आए हैं।
दोपहर 1:00 बजे
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय
निरीक्षण का बहाना, स्कूलों में अनदेखी
खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का कक्ष भी खाली मिला। वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि साहब आधे घंटे पहले ही निरीक्षण पर गए हैं। यदि अधिकारी सचमुच निरीक्षण पर होते तो उनके कार्यालय से इतनी कम दूरी पर स्थित स्कूलों का यह हाल नहीं होता। संवाद
छुट्टियों के बाद स्कूल खुले हैं। जुमा होने के कारण विद्यार्थियों की संख्या कम रही होगी। सभी को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वह छात्र संख्या पर विशेष ध्यान दें। खंड शिक्षा अधिकारी दोपहर एक बजे हमारे साथ विकास भवन में चल रही मीटिंग में शामिल थे। जो शिक्षक बिना जानकारी दिए चले गए हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - संजय सिंह, बीएसए