बरेली। तेज आंधी-बारिश के चलते जिले के कई हिस्सों में मंगलवार देर शाम बाधित हुई बिजली आपूर्ति बुधवार देर रात तक बहाल नहीं हुई। पिछले 30 घंटे से बिजली न आने की वजह से 200 से अधिक गांवों के लोग मोबाइल फोन चार्ज करने तक के लिए तरस गए हैं। कस्बों में जलापूर्ति की भी दिक्कत है। शहर में भी शाहदाना, हरूनगला, कुतुबखाना, मिशन कंपाउंड, जगतपुर उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में बुधवार को ट्रिपिंग के चलते लोगों को परेशानी हुई।
सिरौली में मंगलवार को सुबह 10 बजे ही बिजली केबल डालने के लिए आपूर्ति बंद की गई थी। देर शाम फॉल्ट होने के बाद पूरी रात बिजली नहीं आई। बुधवार को भी संकट रहा। इस वजह से लघु उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं। पानी के लिए हैंडपंप के पास कतार लगी नजर आई।
आंवला क्षेत्र में मंगलवार को आंवला-भमोरा-बदायूं रोड पर दर्जनों पेड़ गिर गए थे। इस वजह से 50 से अधिक गांवों की बिजली गुल है। बिजली निगम के अधिकारी जल्द आपूर्ति बहाल करने का दावा कर रहे हैं मगर, सही समय नहीं बता पा रहे। सिरौली-गुलड़िया मार्ग पर टूटा बिजली का खंभा बुधवार शाम तक ठीक नहीं हुआ। इस वजह से लोग परेशान हैं।
मीरगंज के मोहल्ला बाबरनगर में भी ट्रांसफार्मर जल जाने की वजह से अंधेरा पसरा हुआ है। मोहल्ले के रहने वाले कल्लू मिस्त्री, रेहान, नदीम अंसारी, युनुस अंसारी और मोहम्मद अहमद के मुताबिक, तेज गर्मी की वजह से बच्चों व बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत बिगड़ रही है। पंखा न चलने से रात काटना मुश्किल होता है। मच्छर भी परेशान करते हैं।
शाही क्षेत्र में तेज हवा व बारिश के कारण खंभा टूटने से ग्राम पंचायत सेवा ज्वालापुर के मजरा बसावनपुर में रविवार की रात से बिजली आपूर्ति ठप थी। मंगलवार की रात ग्राम प्रधान पूनम देवी के साथ ग्रामीण कस्बे में विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और हंगामा किया। बुधवार को चार दिन बाद बिजली सप्लाई सुचारू हो सकी। संवाद