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Bareilly News: उद्यमी बताते रहे समस्याएं, अधिकारी मोबाइल फोन में रहे व्यवस्त, मंत्री ने दी चेतावनी

Sat, 10 May 2025 11:33 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

रेली में शुक्रवार को पीलीभीत बाइपास स्थित एक रिसॉर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से उद्यमी समाधान दिवस आयोजित किया गया था। मुख्य अतिथि औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने खुद बरेली-मुरादाबाद मंडल के आठ जिलों से शामिल हुए उद्यमियों की समस्याएं सुनीं।
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उद्यमी समाधान दिवस में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी व उद्यमी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गजरौला के उद्यमी ने औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी के सामने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि मैं कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों के पास जा चुका हूं। एक ट्रांसफॉर्मर तक नहीं शिफ्ट किया जा सका। औद्योगिक भूखंड पर फैक्ट्री के लिए निर्माण फंसा हुआ है। मंत्री ने समस्या निराकरण की जानकारी अमरोहा के उपायुक्त उद्योग से पूछी तो वह मोबाइल में व्यस्त मिले। इस मामले में वह जवाब नहीं दे सके। फिर बरेली के उपायुक्त से जानकारी मंत्री ने लेनी चाही तो पता चला कि वह मोबाइल पर कॉल आने पर बाहर चले गए हैं। मंत्री ने चेतावनी देते हुए शासन को भेजने वाली रिपोर्ट में सभी के नाम दर्ज करने के लिए निर्देश दिए। 

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बरेली में शुक्रवार को पीलीभीत बाइपास स्थित एक रिसॉर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से उद्यमी समाधान दिवस आयोजित किया गया था। मुख्य अतिथि औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने खुद बरेली-मुरादाबाद मंडल के आठ जिलों से शामिल हुए उद्यमियों की समस्याएं सुनीं। गजरौला के उद्यमी जीके शर्मा ने बताया कि उनके प्लॉट पर रखा ट्रांसफार्मर हटाने के लिए उद्योग विभाग में प्रार्थना पत्र दिया था। उद्यमी ने बताया कि संबंधित प्रकरण पर जब बिजली विभाग से संपर्क किया तो उन्होंने पत्र की जानकारी से इन्कार कर दिया। वहीं, उद्योग विभाग पत्र भेजने की बात कह रहा है।
 
मंत्री ने दोनों अफसरों से पूछताछ की तो वे अपनी बात पर अड़े रहे। तब मंत्री ने कहा कि 24 घंटे के भीतर अगर ट्रांसफार्मर न हटा तो प्रकरण की जांच कराऊंगा जो झूठ बोल रहा होगा, उसे सस्पेंड कर दूंगा। मंत्री ने इसकी जांच के निर्देश दिए। बरेली-मुरादाबाद मंडल के निवेश मित्र भी सुनवाई से गायब रहे। इस पर मंत्री ने अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि उद्यमियों की समस्या को अनसुना करने की प्रवृत्ति ठीक नहीं है। 

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विलय संबंधी रजिस्ट्री से उद्यमी पर दोहरी मार
लघु उद्योग भारती के उद्यमी एसके सिंह ने कहा कि अगर आवंटी उद्योग का विस्तार सामने या अन्य प्लॉट खरीदकर वहां तैयार या कच्चे माल का भंडारण करता है तो यूपीसीडा एक्सटेंशन की मान्यता नहीं देता। वर्तमान उद्योग से सटे प्लॉट में विस्तार करे तो भूखंड के मूल्य का पांच फीसदी भुगतान लगता है। विलय संबंधी रजिस्ट्री से उद्यमी पर दोहरी मार पड़ती है। रक्त संबंधी में प्लॉट ट्रांसफर पर भी रजिस्ट्री होती है। 

पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में बने वेयर हाउस  श्रमिक डॉरमेट्री
आईआईए के डिविजनल चेयरमैन विमल रिवाडी ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में वेयर हाउसिंग को उद्योग माना गया है। नए औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि की व्यवस्था है पुराने औद्योगिक क्षेत्र में तमाम सुविधा नहीं है। वहां की बंद पड़ी इकाइयों के खाली पड़े शेड में वेयर हाउस की अनुमति दी जाए तो राहत मिलेगी। रोजगार बढ़ेगा। वहीं, श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री बनाने की मांग की ताकि उन्हें भी राहत मिल सके।

99 वर्ष की लीज मिले, बने ईटीपी  कॉमन हाइड्रेंट लाइन
आईआईए चेयरमैन मयूर धीरवानी ने कहा कि औद्योगिक भूमि की लीज 99 वर्ष की होती है, लेकिन बीच में अगर उद्योग बंद हो तो वही भूमि किसी नए उद्यमी को यूपीसीडा शेष बचे वर्ष के लिए करता है। ये सही नहीं। नए उद्यमी को भी यही भूमि 99 वर्ष के लिए दी जाए। औद्योगिक क्षेत्रों में कॉमन फैसिलिटी सुविधा की मांग की। अग्निशमन संबंधी प्रावधान के लिए कॉमन हाइड्रेंट लाइन, ईटीपी सुविधा की बात कही।

बंद पड़े उद्योगों की भूमि पर बसाए जाएं औद्योगिक क्षेत्र
वरिष्ठ उद्यमी घनश्याम खंडेलवाल ने मंत्री से बंद पड़ी रबर फैक्टरी, आईटीआर, विमको, चीनी मिलों आदि फैक्टरियों की भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र बसाने की मांग की। तर्क था कि इससे भूमि की अड़चन खत्म होगी। बरेली उद्योग नगरी बनेगी। युवा उद्यमी नई टेक्नोलॉजी के साथ उद्योग बसाना चाहते हैं। भूमि की उपलब्धता नहीं होने से इसमें दिक्कत आती है। 2002 के बाद से ही भूमि का संकट खत्म नहीं हो पा रहा है।

मेसेज नहीं देख पाता, सीधे आकर मिलिए
गजरौला के उद्यमी यशपाल सिंह ने बताया कि करीब छह माह पहले उद्योग स्थापना संबंधी अड़चन निस्तारण के लिए औद्योगिक विकास मंत्री के मोबाइल पर मेसेज भेजा था। उनके पीए को भी कॉल की थी। आश्वासन मिला था पर काम नहीं हुआ। इस पर मंत्री ने कहा, रोजाना कई कॉल, मेसेज आते हैं। ऐसे में ध्यान नहीं दे सके। पीए को हार्डकॉपी लेकर समस्या निवारण की बात कही।

शाहजहांपुर ग्रोथ पार्क में अव्यवस्था का अंबार
शाहजहांपुर के उद्यमी जय गोविंद मोदी ने ग्रोथ पार्क औद्योगिक क्षेत्र में साफ सफाई न होने, स्ट्रीट लाइट न होने का मुद्दा उठाया। कॉस्ट प्रोडक्शन कम कर सस्ता उत्पाद बनाने के लिए प्रदेश सरकार से पेट्रोलियम की कीमत औद्योगिक क्षेत्रों में सब्सिडी पर मुहैया कराने की मांग की। ताकि ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्च बच सके। रामपुर, पीलीभीत व अन्य जिलों के उद्यमियों ने उद्योग स्थापना के लिए सरकार से भूमि की मांग की।
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ये मुद्दे भी उठे
  • सेट बैक प्रावधान से दो हजार वर्गमीटर के भूखंड मुक्त रहें। ताकि खाली भूखंड का उपयोग हो सके।
  • स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन में भूमि परिजनों के नाम दान विलेख का नियम औद्योगिक भूखंड पर लागू हो।
  • औद्योगिक क्षेत्र के पास निजी भूमि पर सृजित उद्योगों का विकास भी विकास शुल्क लेकर यूपीसीडा करे।
  • यूपीसीडा का कार्यालय परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बने ताकि उद्यमियों को चक्कर न काटना पड़े।
  • यूपीसीडा की भूमि की रजिस्ट्री यूपीसीडा द्वारा निर्धारित सर्किल रेट पर हो न कि सामान्य प्रक्रिया से हो।
  • कंपनी का नाम बदलने पर स्टांप डयूटी का प्रावधान हटे। कन्वींस डीड से वारिसानों को संपत्ति दी जाए।
  • पार्टनरशिप खत्म होकर प्रोपराइटरशिप में बदले तो मेजर शेयर होल्डर प्रोपराइटर बनने पर स्टांप शुल्क न लगे।
  • सब डिविजन पॉलिसी में चार हजार वर्गमीटर भूखंड, न्यूनतम 18 मीटर सड़क की बाध्यता भी समाप्त हो।
  • किरादारी का शुल्क घटे। प्राइवेट इंडस्टि्रयल पार्क में न्यूनतम 20 एकड़ की बाध्यता समाप्त की जाए। 
  • रजऊ परसपुर को महायोजना में औद्योगिक जोन घोषित किया है। औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा मिले।
  • प्लेज पार्क, निजी औद्योगिक पार्क विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र के बाहर हो। मानचित्र भी बनाया जाए।
  • बीडीए का कंपाउंडिंग शुल्क घटे। रजऊ परसपुर औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत फीडर लगाने के लिए भूमि मिले।
  • रजऊ परसपुर औद्योगिक क्षेत्र में ईएसआईसी अस्पताल बने। संयुक्त आयुक्त उद्योग की स्थायी तैनाती की जाए।
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