विलय संबंधी रजिस्ट्री से उद्यमी पर दोहरी मार
लघु उद्योग भारती के उद्यमी एसके सिंह ने कहा कि अगर आवंटी उद्योग का विस्तार सामने या अन्य प्लॉट खरीदकर वहां तैयार या कच्चे माल का भंडारण करता है तो यूपीसीडा एक्सटेंशन की मान्यता नहीं देता। वर्तमान उद्योग से सटे प्लॉट में विस्तार करे तो भूखंड के मूल्य का पांच फीसदी भुगतान लगता है। विलय संबंधी रजिस्ट्री से उद्यमी पर दोहरी मार पड़ती है। रक्त संबंधी में प्लॉट ट्रांसफर पर भी रजिस्ट्री होती है।
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में बने वेयर हाउस श्रमिक डॉरमेट्री
आईआईए के डिविजनल चेयरमैन विमल रिवाडी ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में वेयर हाउसिंग को उद्योग माना गया है। नए औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि की व्यवस्था है पुराने औद्योगिक क्षेत्र में तमाम सुविधा नहीं है। वहां की बंद पड़ी इकाइयों के खाली पड़े शेड में वेयर हाउस की अनुमति दी जाए तो राहत मिलेगी। रोजगार बढ़ेगा। वहीं, श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री बनाने की मांग की ताकि उन्हें भी राहत मिल सके।
99 वर्ष की लीज मिले, बने ईटीपी कॉमन हाइड्रेंट लाइन
आईआईए चेयरमैन मयूर धीरवानी ने कहा कि औद्योगिक भूमि की लीज 99 वर्ष की होती है, लेकिन बीच में अगर उद्योग बंद हो तो वही भूमि किसी नए उद्यमी को यूपीसीडा शेष बचे वर्ष के लिए करता है। ये सही नहीं। नए उद्यमी को भी यही भूमि 99 वर्ष के लिए दी जाए। औद्योगिक क्षेत्रों में कॉमन फैसिलिटी सुविधा की मांग की। अग्निशमन संबंधी प्रावधान के लिए कॉमन हाइड्रेंट लाइन, ईटीपी सुविधा की बात कही।
बंद पड़े उद्योगों की भूमि पर बसाए जाएं औद्योगिक क्षेत्र
वरिष्ठ उद्यमी घनश्याम खंडेलवाल ने मंत्री से बंद पड़ी रबर फैक्टरी, आईटीआर, विमको, चीनी मिलों आदि फैक्टरियों की भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र बसाने की मांग की। तर्क था कि इससे भूमि की अड़चन खत्म होगी। बरेली उद्योग नगरी बनेगी। युवा उद्यमी नई टेक्नोलॉजी के साथ उद्योग बसाना चाहते हैं। भूमि की उपलब्धता नहीं होने से इसमें दिक्कत आती है। 2002 के बाद से ही भूमि का संकट खत्म नहीं हो पा रहा है।
मेसेज नहीं देख पाता, सीधे आकर मिलिए
गजरौला के उद्यमी यशपाल सिंह ने बताया कि करीब छह माह पहले उद्योग स्थापना संबंधी अड़चन निस्तारण के लिए औद्योगिक विकास मंत्री के मोबाइल पर मेसेज भेजा था। उनके पीए को भी कॉल की थी। आश्वासन मिला था पर काम नहीं हुआ। इस पर मंत्री ने कहा, रोजाना कई कॉल, मेसेज आते हैं। ऐसे में ध्यान नहीं दे सके। पीए को हार्डकॉपी लेकर समस्या निवारण की बात कही।
शाहजहांपुर ग्रोथ पार्क में अव्यवस्था का अंबार
शाहजहांपुर के उद्यमी जय गोविंद मोदी ने ग्रोथ पार्क औद्योगिक क्षेत्र में साफ सफाई न होने, स्ट्रीट लाइट न होने का मुद्दा उठाया। कॉस्ट प्रोडक्शन कम कर सस्ता उत्पाद बनाने के लिए प्रदेश सरकार से पेट्रोलियम की कीमत औद्योगिक क्षेत्रों में सब्सिडी पर मुहैया कराने की मांग की। ताकि ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्च बच सके। रामपुर, पीलीभीत व अन्य जिलों के उद्यमियों ने उद्योग स्थापना के लिए सरकार से भूमि की मांग की।