लाखों रुपये के सैलरी पैकेज को छोड़कर बरेली के इंजीनियर पारस तोमर ने स्वरोजगार की राह चुनी। 'सड़कछाप चायवाला' के नाम से स्टार्टअप शुरू करने वाले सुभाषनगर के पारस तोमर ने बताया कि उन्होंने बेंगलुरू से बीटेक (मैकेनिकल) किया। इसके बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में 4.5 लाख सालाना के पैकेज पर नौकरी की।