बरेली। सावन की शुरुआत में एक माह बाकी हैं। तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन हकीकत में कांवड़ियों और आम श्रद्धालुओं की राह में अतिक्रमण सबसे बड़ा बाधक बना हुआ है। शहर के पौराणिक सातों नाथ मंदिरों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग अवैध कब्जों की वजह से बेहद संकरे हो गए हैं। इन रास्तों पर रोजाना स्थानीय लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। अवैध कब्जे हटाए नहीं गए तो सावन में यह दिक्कत और बढ़ जाएगी।
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर जाने वाले मुख्य मार्गों पर अस्थायी दुकानों, ठेलों और अवैध कब्जों के कारण स्थिति बद से बदतर हो गई है। सामान्य दिनों में भी इन सड़कों पर पैदल निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। सावन में जब लाखों श्रद्धालु इन मार्गों से गुजरेंगे तो यातायात व्यवस्था ध्वस्त होने की आशंका है। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। मंदिर समितियों और क्षेत्रीय प्रबुद्धजन ने इस अव्यवस्था के खिलाफ कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
वर्जन
श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी प्राथमिकता है। सातों नाथ मंदिरों के आसपास व कांवड़ मार्गों पर किए गए सभी अतिक्रमण को हटाने के लिए जल्दी ही विशेष अभियान चलाया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त