अमूमन डॉक्टर और नर्स के बीच हर अस्पताल में काफी तालमेल देखने को मिलता है लेकिन जिला अस्पताल में शनिवार को अजब नजारा देखने को मिला। इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डॉ. केेके निर्मल और स्टॉफ नर्स सुनैना में खूब तू- तू मैं- मैं हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि बात सिर्फ अभद्र भाषा तक नहीं रही बल्कि डॉक्टर नर्स को मारने के लिए दौड़ पड़े। सीएमएस के कमरे में एक घंटे तक चली वार्ता से भी कोई हल नहीं निकला। अब सभी स्टॉफ नर्स डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रही हैं। पीड़ित नर्स ने काम पर न आने का पत्र अस्पताल प्रशासन को दिया है।
दो मरीजाें के लामा होने पर उनकी फाइल पर ईएमओ के हस्ताक्षर होने थे। मौके पर तैनात स्टॉफ नर्स सुनैना ने इंटर्न छात्र को फाइल देकर ईएमओ डॉ. केके निर्मल के हस्ताक्षर कराने भेज दिया। इंटर्न बिना हस्ताक्षर के लौटा और बताया कि डॉक्टर ने उसे भगा दिया। इस पर नर्स सुनैना डॉक्टर के पास गई और इस पर आपत्ति जताई। आरोप है कि डॉ. निर्मल इस बात पर भड़क गए और चिल्लाने लगे। नर्स ने भी चिल्लाना शुरू किया तो डॉ. निर्मल स्टेथोस्कोप से मारने दौड़े। सुनैना सीधे सीएमएस कार्यालय पहुंची और शिकायत की। डॉ. निर्मल को भी बुलाया गया। सभी नर्स और डॉक्टर भी पहुंच गए। एक घंटे तक कमरे में बहस चलती रही।
तो मानसिक रूप से परेशान हैं डॉक्टर
डॉ. केके निर्मल पिछले काफी समय से बीमार चल रहे हैं। वह कई हफ्ते की छुट्टी पर भी रहे थे। नर्सेज संघ ने बताया कि हंगामे के बाद डॉक्टर्स यह कहकर उनका पक्ष ले रहे हैं कि वह मानसिक रूप से परेशान हैं। ऐसे में किसी डॉक्टर को इमरजेंसी ड्यूटी क्याें दी गई है। नर्सेज संघ का कहना है कि वे चुप नहीं बैठेंगे।
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‘जिला अस्पताल एक परिवार की तरह है। मामला सुलझा लिया गया है। अभी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
-डॉ. परवीन जहां, सीएमएस