दुधवा कॉरिडोर होते हुए घोला गांव के नजदीक गन्ने के एक खेत में पहुंचे नेपाली हाथी की करंट लगने से मौत हो गई। उसका शव शनिवार सुबह शव ट्रांसफॉर्मर के नजदीक ही पड़ा मिला है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि सूंड़ के ट्रांसफॉर्मर से छूने से तेज करंट लगा और तुरंत ही हाथी की मौत हो गई।
दुधवा टाइगर रिजर्व की सठियाना रेंज से करीब 100 मीटर की दूरी पर पलिया रेंज के बफर जोन में निषादनगर घोला के राजेंद्र प्रसाद के गन्ने के खेत में बिजली ट्रांसफॉर्मर लगा है। शुक्रवार की रात को किसी समय हाथियों का झुंड इस खेत में पहुंचा। इनमें से ही एक हाथी की ट्रांसफॉर्मर से करंट लगने से मौत हो गई। हाथी की उम्र करीब 30 वर्ष से अधिक बताई जा रही है।
घटना का पता चलने पर दुधवा पार्क के उपनिदेशक मनोज सोनकर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। हाथी का शव जहां पड़ा था, उसकी सूंड़ खंभे से चिपकी हुई थी। इसलिए माना जा रहा है कि हाथी ने ट्रांसफार्मर में सूंड़ लगाई होगी, जिससे उसके करंट लग गया। शाम को हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की अधिकारिक पुष्टि की हो सकेगी।
हाथी की करंट लगने से मौत होने की ज्यादा संभावना है, क्योंकि मौके पर मिले साक्ष्य इसी बात की ओर इशारा कर रहे हैं। खंभे पर ट्रांसफॉर्मर काफी नीचे लगा है-
मनोज सोनकर, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व