इसलिए बढ़ता है लाइन लॉस
निगम के अधिकारियों के अनुसार, लाइन लॉस बढ़ने के पीछे बिजली चोरी सबसे प्रमुख कारण है। मीटरों में गड़बड़ी, गलत या अधूरी बिलिंग और बकायेदारों से राजस्व वसूली में कमी जैसे कारण भी हो सकते हैं। कई इलाकों में उपभोक्ताओं की वास्तविक खपत के मुकाबले कम बिलिंग होने पर भी लाइन लॉस बढ़ता है। जर्जर तारों, ढीले कनेक्शनों और ट्रांसफार्मर पर अधिक भार के कारण तकनीकी नुकसान भी होता है।
निगम ने बनाई रणनीति
अब विद्युत निगम ने नियमित निगरानी की कार्ययोजना तैयार की है। अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों की पहचान कर वहां आपूर्ति और बिलिंग का मिलान, संदिग्ध कनेक्शनों की जांच और खराब मीटरों को बदलने समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी नुकसान वाले क्षेत्रों में जर्जर लाइनों और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की समस्या दूर की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता शहर ललित कुमार ने बताया कि अब बिजली चोरी की रोकथाम और बकाया बिल वसूली को लेकर व्यापक अभियान चलाने की तैयारी है। जिन नए फीडरों पर लाइन लॉस बढ़ रहा है, उसकी रोकथाम के लिए भी योजना बनाई गई है। प्रवर्तन दल के साथ ही विभागीय टीमों को भी लगाया जाएगा।