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बरेली में बिजली चोरी बेलगाम: चार उपकेंद्रों पर नहीं थमा लाइन लॉस, अब चार नए भी चपेट में आए

Sun, 25 Oct 2026 11:11 AM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में विद्युत निगम का बिजली चोरी रोकने का अभियान नाकाम होता दिख रहा है। पहले से चिह्नित चार उपकेंद्रों पर चोरी नहीं रुकी। चार नए उपकेंद्र भी अब इसकी चपेट में हैं। महानगर और कुतुबखाना जैसे इलाकों में लाइन लॉस 30 फीसदी तक बरकरार है। 
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शहर के कई इलाकों में लाइन लॉस बढ़ा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली में बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत निगम की ओर से चलाया जा रहा अभियान नाकाम साबित हो रहा है। आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। विद्युत निगम की ओर से लाइन लॉस वाले इलाके नए सिरे से चिह्नित किए गए तो पता लगा कि पहले से चिह्नित चार उपकेंद्रों पर बिजली चोरी थमी नहीं, जबकि चार नए उपकेंद्र भी इस समस्या की चपेट में आ गए हैं। इससे निगम की कार्रवाई और लाइन लॉस कम करने की रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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विद्युत निगम की ओर से लाइन लॉस कम करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत संदिग्ध कनेक्शनों की जांच, बिजली चोरी पकड़ने के लिए छापेमारी और बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद महानगर उपकेंद्र से पोषित महानगर प्रथम, महानगर द्वितीय और तुलाशेरपुर फीडर पर लाइन लॉस बढ़ रहा है। 

कुतुबखाना, सुभाषनगर, हरूनगला, पुराना शहर और शाहदाना उपकेंद्र से पोषित फीडरों पर भी 30 फीसदी तक लाइन लॉस बीते कई वर्षों से बरकरार है। अब किला के फूटा दरवाजा, बाजार संदल खां फीडर भी इसकी चपेट में आ गए हैं। जांच में यहां 20-25 प्रतिशत लाइन लॉस सामने आया है।

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इसलिए बढ़ता है लाइन लॉस
निगम के अधिकारियों के अनुसार, लाइन लॉस बढ़ने के पीछे बिजली चोरी सबसे प्रमुख कारण है। मीटरों में गड़बड़ी, गलत या अधूरी बिलिंग और बकायेदारों से राजस्व वसूली में कमी जैसे कारण भी हो सकते हैं। कई इलाकों में उपभोक्ताओं की वास्तविक खपत के मुकाबले कम बिलिंग होने पर भी लाइन लॉस बढ़ता है। जर्जर तारों, ढीले कनेक्शनों और ट्रांसफार्मर पर अधिक भार के कारण तकनीकी नुकसान भी होता है।

निगम ने बनाई रणनीति 
अब विद्युत निगम ने नियमित निगरानी की कार्ययोजना तैयार की है। अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों की पहचान कर वहां आपूर्ति और बिलिंग का मिलान, संदिग्ध कनेक्शनों की जांच और खराब मीटरों को बदलने समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी नुकसान वाले क्षेत्रों में जर्जर लाइनों और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की समस्या दूर की जाएगी। 

अधीक्षण अभियंता शहर ललित कुमार ने बताया कि अब बिजली चोरी की रोकथाम और बकाया बिल वसूली को लेकर व्यापक अभियान चलाने की तैयारी है। जिन नए फीडरों पर लाइन लॉस बढ़ रहा है, उसकी रोकथाम के लिए भी योजना बनाई गई है। प्रवर्तन दल के साथ ही विभागीय टीमों को भी लगाया जाएगा।
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