बरेली। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी बरेली कॉलेज की प्रबंध समिति का चुनाव नहीं हो सका है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर सहायक रजिस्ट्रार रहे नीरज पाठक ने चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई मगर, चुनाव वाले दिन ही अपरिहार्य कारणों से इसे टाल दिया गया। उनके तबादले के बाद अब प्रक्रिया ठंडे बस्ते में है।
बरेली कॉलेज की प्रबंध समिति कालातीत हो चुकी है। काफी समय से इसके चुनाव की मांग की जा रही है। चुनाव के लिए सभी सदस्यों को सहायक रजिस्ट्रार की ओर से 19 मई को पत्र लिखकर बरेली राइफल क्लब में आमंत्रित किया गया था। 30 मई को सुबह नौ बजे चुनाव की बैठक आयोजित हुई। बोर्ड ऑफ कंट्रोल के सदस्य जब यहां पहुंचे तो पता चला कि अपरिहार्य कारणों से चुनाव की तिथि ही आगे बढ़ा दी गई है।
वर्ष 1988 की नियमावली के आधार पर होगा चुनाव
वर्ष 1988 की नियमावली के आधार पर चुनाव कराया जाना है। वीरपाल सिंह यादव और विजय यादव के नाम साधारण सभा की सूची में शामिल किए गए हैं। दरअसल, सहायक रजिस्ट्रार की विवेचना में पाया गया कि वर्ष 2001 में नियमावली में किए गए संशोधन शासन से स्वीकृत नहीं थे। वर्ष 1988 की नियमावली के अनुसार, नियमों में किसी भी बदलाव के लिए शासन की मंजूरी आवश्यक है। वर्ष 2005 की वार्षिक सामान्य बैठक में भी इन संशोधनों को अमान्य घोषित किया गया था। उच्च न्यायालय ने 2010 में 1988 के अनुमोदित सदस्यों को ही वैध माना था। इसलिए, 2001 की संशोधित नियमावली के आधार पर चुनाव कराना कानूनी रूप से सही नहीं है।