बरेली। कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय के पास निजी अस्पताल के कर्मचारी आरिफ को सरेआम गोली मारने के मामले में कोतवाली पुलिस ने मोहनपुर के प्रधान समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपियों में आरिफ की पत्नी, तीन सालियां, दो साले और एक मौसेरा भाई भी शामिल हैं। मौसेरे भाई को शुक्रवार को ही घटना के बाद लोगों ने पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।
आरिफ की मां की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि थाना कैंट के मोहनपुर का प्रधान जाकिर ठिरिया निजावत खां के तौहीद, आरिफ की पत्नी सिमरन, सालियां जुनैदा, ममता विल्ली, साले रिंकू और वसीम कई बार आरिफ के साथ मारपीट कर चुके हैं। सिमरन और उसकी बहने जाकिर प्रधान के साथ रहती हैं। शुक्रवार को योजना बनाकर यह सभी आरिफ पर हमला करने पहुंचे। सभी ने पहले आरिफ को पीटा और बाद में जाकिर प्रधान ने तमंचा निकालकर उसको गोली मार दी। मामले में आरिफ की मां परवीन की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
इधर, घटना के पीछे तौहीद और सिमरन के संबंधों की बात सामने आई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरिफ से तलाक के बाद सिमरन आरिफ के मौसेरे भाई तौहीद के साथ रह रही थी। जाकिर प्रधान के घर भी आना जाना था। तौहीद की भी जाकिर से करीबी थी। संवाद
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चर्चित समैक तस्कर का दामाद है जाकिर प्रधान
- आरिफ को गोली मारने के मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया जाकिर प्रधान फतेहगंज पश्चिमी के चर्चित स्मैक तस्कर का दामाद है। जाकिर का भी आपराधिक इतिहास है। वह कई बार जेल भी जा चुका है। शुक्रवार की घटना के बाद वह कुछ सफेदपोशों की शरण में है। मामले में अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।