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Bareilly News: अल्पसंख्यक परिवारों को बसाने की कोशिश, सपाई भी साथ पहुंचे

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शाही। थाना क्षेत्र के गांव गौसगंज में सांप्रदायिक संघर्ष में पूर्व प्रधान के बेटे की हत्या के बाद से खानाबदोश की तरह घूम रहे अल्पसंख्यक परिवारों की महिलाएं और बच्चे बुधवार को सपाइयों के साथ शाही थाने पहुंच गए। वहां सपाइयों ने अल्पसंख्यक परिवारों को गांव में बसाने की बात कही तो अफसरों से तकरार हो गई। चार घंटे तक तनातनी का माहौल रहा। हालांकि, अफसरों ने परिवारों को बसाने की तैयारी कर ली है।
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गौसगंज में पूर्व प्रधान के बेटे तेजपाल की हत्या के बाद से सांप्रदायिक तनातनी का माहौल है। अल्पसंख्यक वर्ग के कई लोगों पर मुकदमे हुए, जिनमें से ज्यादातर लोग जेल में हैं। करीब साढ़े छह महीने पहले हुई घटना के बाद कार्रवाई के डर से आरोपी पक्ष के ज्यादातर परिवार महिलाओं व बच्चों समेत गांव छोड़ गए थे। पिछले दिनों ऐसे पांच परिवारों को पुलिस व प्रशासन ने गांव में दोबारा बसा दिया था। बुधवार को भी इसी आस में करीब दो दर्जन परिवारों की महिलाएं व बच्चे सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप व महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी के साथ थाने पहुंचे थे।
वीडियो बनाने की कोशिश में मोबाइल फोन छीना
एक महिला नूर अपने मोबाइल फोन से थाने के अंदर बातचीत का वीडियो बनाने लगी तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इस पर महिला सपा नेता की पुलिस से झड़प हो गई। तब पुलिसकर्मियों ने मीडियाकर्मियों को भी थाने से बाहर कर दिया। सपा नेताओं की भीड़ बढ़ती देख थाना प्रभारी अमित कुमार ने अधिकारियों को सूचना दी। तब एसएसपी अनुराग आर्य ने वहां सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव को भेज दिया। सिटी मजिस्ट्रेट भी पहुंच गए। सीओ ने उन्हें समझाया। पुलिस की एक टीम ने गांव जाकर हालात का जायजा लिया और दूसरे पक्ष से बात की। हालांकि, शाम होने की वजह से कुछ नहीं हो सका। सभी को वापस भेज दिया गया।
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साढ़े छह महीने हो गए, इनका क्या कसूर
अधिकारियों से बातचीत के दौरान सपा नेता शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि छह महीने 18 दिन हो गए। 33 परिवारों के पुरुष सदस्य जेल में हैं। महिलाएं व बच्चे रिश्तेदारी में भटक रहे हैं। उनका क्या कसूर है? उन्हें उनके घरों में रहने देना चाहिए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह प्रदेश का पहला मामला है, जहां पूरा परिवार सजा भुगत रहा है।
आज होगी बसाने की पहल
सीओ पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि पांच परिवारों को पहले बसाया जा चुका है। बाकी लोगों को भी बसाया जाएगा। इसके लिए सकारात्मक माहौल बनाया गया है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के साथ गांव का दौरा किया है, फिलहाल सब ठीक है।
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संवाद
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